Raipur Ration Scam : रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में सरकारी राशन दुकान से बड़ी मात्रा में खाद्यान्न गायब होने का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच में दुकान के स्टॉक और रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया। जांच के मुताबिक करीब 15.91 लाख रुपये मूल्य के सरकारी राशन का गबन और वित्तीय अनियमितता सामने आई है। मामले में खाद्य अधिकारी की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राशन दुकान संचालक टोपेश्वर साहू को गिरफ्तार कर लिया है।
जोरा के वार्ड 51 में संचालित होती थी राशन दुकान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी टोपेश्वर साहू तेलीबांधा थाना क्षेत्र के जोरा स्थित वार्ड क्रमांक 51 की सरकारी राशन दुकान का संचालक था। संबंधित दुकान की आईडी संख्या 442001026 बताई गई है। जांच के दौरान दुकान में बड़ी मात्रा में चावल का स्टॉक कम मिला। इसके बाद खाद्य विभाग ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
अक्टूबर में हितग्राहियों ने राशन नहीं मिलने की शिकायत की
रायपुर मध्य जोन के डीसीपी तारकेश्वर पटेल के मुताबिक खाद्य विभाग की टीम ने 29 अक्टूबर 2025 को संबंधित राशन दुकान का निरीक्षण किया था। इस दौरान कई हितग्राहियों ने शिकायत की कि उन्हें अक्टूबर महीने का पीडीएस चावल और शक्कर नहीं मिला है। जांच के दौरान दुकान में करीब 265 राशन कार्ड भी पाए गए। शिकायतों ने दुकान के संचालन और राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
बायोमेट्रिक कराने के बाद भी नहीं मिला राशन
जांच में आरोप सामने आया कि दुकान संचालक ने कई हितग्राहियों से उनके राशन कार्ड जमा कराए थे। इसके साथ ही ई-पॉस मशीन के जरिए उनका बायोमेट्रिक सत्यापन भी कराया गया। इसके बावजूद संबंधित लोगों को न तो उनके राशन कार्ड वापस किए गए और न ही निर्धारित खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। इस प्रक्रिया ने राशन वितरण में कथित अनियमितता की आशंका को और मजबूत किया।
पहले 81 क्विंटल चावल की कमी सामने आई
प्रारंभिक जांच के दौरान करीब 81.07 क्विंटल चावल के गबन की बात सामने आई थी। इसके बाद खाद्य विभाग ने दुकान के ई-पॉस रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक का मिलान किया। जांच आगे बढ़ने पर दोनों के बीच बड़ा अंतर पाया गया। प्रारंभिक स्तर पर दुकान में करीब 333.97 क्विंटल चावल की कमी दर्ज की गई।
दुकान में पहुंचे चावल की पावती भी नहीं मिली
रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि 12 से 15 अक्टूबर के बीच राशन दुकान में करीब 232.90 क्विंटल चावल पहुंचा था। हालांकि, इस खाद्यान्न की विधिवत पावती लिए जाने का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके अलावा दुकान में स्टॉक रजिस्टर और आवश्यक सूचना बोर्ड भी उपलब्ध नहीं पाए गए। इन खामियों ने खाद्य विभाग की जांच को और गंभीर बना दिया।
नोटिस के बाद भी संचालक नहीं दे सका संतोषजनक जवाब
दुकान में अनियमितता पाए जाने के बाद खाद्य विभाग ने संचालक टोपेश्वर साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया। विभाग ने उससे राशन स्टॉक में कमी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी को लेकर जवाब मांगा था। हालांकि, विभाग के अनुसार संचालक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने राशन दुकान के खिलाफ आगे की कार्रवाई की।
नवंबर में दुकान संचालक को किया गया निलंबित
लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के बाद 4 नवंबर 2025 को राशन दुकान संचालक टोपेश्वर साहू को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद दुकान को दूसरी संस्था से जोड़ दिया गया। हालांकि, दुकान के हस्तांतरण से पहले खाद्य विभाग ने एक बार फिर मौके पर मौजूद राशन स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया, जिसमें चावल की कमी पहले के मुकाबले और ज्यादा सामने आई।
दोबारा जांच में 389 क्विंटल चावल की कमी मिली
7 नवंबर को हुए दोबारा भौतिक सत्यापन के दौरान चावल की कमी बढ़कर 389.24 क्विंटल पाई गई। यह मात्रा करीब 778.48 बोरी चावल के बराबर बताई गई है। जांच के अनुसार सरकारी राशन की इस कमी से शासन को करीब 15.91 लाख रुपये की वित्तीय क्षति हुई। इसी आधार पर गबन और धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज कराया गया।
आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
खाद्य विभाग की शिकायत और जांच से मिले दस्तावेजों के आधार पर तेलीबांधा पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। पुलिस ने राशन दुकान संचालक टोपेश्वर साहू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान गबन से जुड़े साक्ष्य और प्रमाण मिलने के बाद गिरफ्तारी की गई। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
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