Raipur Lodge Murder: रायपुर के एवन लॉज में हुई नाबालिग लड़की द्वारा युवक की हत्या का मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मृतक मोहम्मद सद्दाम सोशल मीडिया पर आठ अलग-अलग इंस्टाग्राम आईडी से सक्रिय था और उसने नाबालिग की अश्लील वीडियो बना रखी थीं। धमकी देकर वह इन वीडियो को वायरल करने की कोशिश करता था, जिससे लड़की मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान थी।

किशोरी ने बताया अपनी आपबीती
16 वर्षीय किशोरी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि तीन साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी दोस्ती मोहम्मद सद्दाम से हुई थी। सद्दाम ने उसके अश्लील वीडियो बना लिए थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर कई बार जबरन संबंध बनाए। इसके अलावा वह गर्भपात कराने के लिए भी दबाव बनाता था।

गर्भपात का दबाव और मारपीट
पुलिस के अनुसार, सद्दाम ने नाबालिग लड़की को रायपुर बुलाया था। 27 सितंबर को जब लड़की ने बताया कि वह गर्भवती है, तो सद्दाम ने गुस्से में आकर उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया। लड़की के विरोध करने पर उसने मारपीट भी की। उस दिन दोनों एक लॉज में रुके और अगले दिन अभनपुर चले गए। शाम को वापस आकर उसी लॉज में रुके। रात में शराब पीकर विवाद हुआ, जिसके बाद सद्दाम के सोते ही लड़की ने चाकू से उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद भागकर लौट गई बिलासपुर
हत्या के बाद नाबालिग ने कमरे का ताला बाहर से लगा दिया और ट्रेन से बिलासपुर अपने घर लौट गई। वहां उसकी मां ने जब उससे पूछा तो उसने सच बताया कि उसने रायपुर में सद्दाम की हत्या कर दी है। इसके बाद मां उसे लेकर कोनी थाना पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
कोनी थाना पुलिस ने रायपुर की गंज थाना को सूचना दी। पुलिस ने एवन लॉज से मोहम्मद सद्दाम का शव बरामद कर लिया। सद्दाम मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और रायपुर के एमएस इंजीनियरिंग अभनपुर क्षेत्र में रहता था। पुलिस ने नाबालिग किशोरी से पूछताछ की है और मामले की गहन जांच जारी है।
मानसिक शोषण और अपराध का खतरनाक पहलू
यह मामला सोशल मीडिया के दुष्परिणामों को उजागर करता है, जहां अश्लील वीडियो बनाकर युवाओं को ब्लैकमेल किया जा रहा है। किशोरी पर लगातार दबाव और शारीरिक उत्पीड़न ने उसे ऐसे कदम उठाने को मजबूर किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि युवाओं में मानसिक तनाव और शोषण कितना खतरनाक रूप ले सकता है। रायपुर लॉज हत्याकांड ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, सोशल मीडिया की सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।










