CBSE Exam 2026
CBSE Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की वार्षिक परीक्षाओं का बिगुल आज से बज गया है, वहीं छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की परीक्षाएं भी 20 फरवरी से शुरू होने वाली हैं। छात्रों की एकाग्रता और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए रायपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में, पुलिस ने राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया और बिना अनुमति के संचालित हो रहे डीजे सिस्टम पर कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि परीक्षाओं के इस संवेदनशील समय में छात्रों की पढ़ाई में बाधा डालने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रायपुर के सेंट्रल ज़ोन स्थित गोलबाजार थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक डीजे वाहन और उसके उपकरणों को जब्त किया है। जांच के दौरान यह पाया गया कि डीजे से निकलने वाले शोर का स्तर 95 से 110 डेसिबल के बीच था, जबकि रिहायशी इलाकों के लिए निर्धारित मानक सीमा मात्र 50 डेसिबल है। यह कार्रवाई ‘कोलाहल नियंत्रण अधिनियम’ और ‘मोटर व्हीकल एक्ट’ की विभिन्न धाराओं के तहत की गई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पहले ही डीजे संचालन को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर पुलिस अब सीधे जब्ती की कार्रवाई कर रही है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि धमतरी निवासी डीजे संचालक कुणाल बावले बिना किसी वैध अनुमति के तेज आवाज में संगीत बजा रहा था। इस शोर के कारण न केवल क्षेत्र की शांति भंग हो रही थी, बल्कि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे परीक्षार्थियों को भी भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पुलिस ने मौके पर ही डीजे वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ध्वनि प्रदूषण के नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
डीजे की तेज आवाज केवल पढ़ाई में बाधा ही नहीं, बल्कि जानलेवा भी साबित हुई है। हाल ही के वर्षों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आई हैं। सितंबर 2025 में बिलासपुर में शोभायात्रा के दौरान डीजे के कंपन से एक मकान का छज्जा गिर गया था, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसी तरह, बलरामपुर में तेज आवाज के कारण एक युवक के सिर की नस फटने और विसर्जन के दौरान नाचते हुए 15 वर्षीय बच्चे की हार्ट अटैक से मौत की खबरें भी आई थीं। इन हादसों को देखते हुए पुलिस अब अत्यधिक सावधानी बरत रही है।
परीक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही डीसीपी सेंट्रल ज़ोन ने डीजे, धुमाल पार्टी और टेंट संचालकों के साथ एक औपचारिक बैठक की थी। इस बैठक में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि परीक्षा अवधि के दौरान बिना पुलिस की लिखित अनुमति के कोई भी साउंड सिस्टम संचालित नहीं होगा। इसके बावजूद, नियमों को ठेंगा दिखाने वाले संचालकों पर अब कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि अनुमति मिलने के बाद भी शोर का स्तर निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही रखना अनिवार्य होगा।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अभिभावकों और छात्रों को आश्वस्त किया है कि परीक्षाओं के दौरान शांति बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों और परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। किसी भी प्रकार के कोलाहल या नियमों के उल्लंघन की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर छात्र तनावमुक्त और शांत वातावरण में अपनी परीक्षा दे सके।
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