Tulsi Plant Controversy : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली काठाडीह बीएसयूपी कॉलोनी में एक बेहद अजीबोगरीब और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक पवित्र तुलसी के पौधे के पास सोशल मीडिया रील बनाने की बात को लेकर दो अलग-अलग समुदायों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते एक भयानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस हिंसक झड़प में बीच-बचाव करने आईं महिलाओं समेत दो लोगों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पवित्र तुलसी के गमले को हिलाकर रील बना रहे थे बच्चे
मुजगहन थाना पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत काठाडीह बीएसयूपी कॉलोनी के ब्लॉक नंबर-18 से हुई, जहां की निवासी परमिला सेन ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। परमिला सेन के मुताबिक, उन्होंने अपने घर की बालकनी में नियमित पूजा-अर्चना के लिए तुलसी का एक गमला रखा हुआ है। रविवार की रात करीब 8:30 बजे उनके पड़ोस में रहने वाली फिरदोस बेगम के बच्चे उस पवित्र तुलसी के गमले के पास मोबाइल से सोशल मीडिया के लिए रील रिकॉर्ड कर रहे थे। रील बनाने के चक्कर में बच्चे गमले को बार-बार पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से हिला रहे थे, जिससे पौधा टूटने की कगार पर पहुंच गया था।

महिला ने बच्चों को दी थी धार्मिक सम्मान की समझाइश
जब पीड़ित महिला परमिला सेन ने बच्चों की इस हरकत को देखा, तो उन्होंने तुरंत इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने बच्चों को डांटने के बजाय बेहद प्यार से समझाइश दी कि तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और पूजनीय माना जाता है, इसलिए इसका अनादर न करें और इसे न हिलाएं। हालांकि, बच्चों को दी गई यह सामान्य सी समझाइश उनके परिवार वालों को नागवार गुजरी। बच्चों ने घर जाकर इसकी शिकायत अपनी मां से की, जिसके बाद पड़ोस में रहने वाले लोग तैश में आ गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहसबाजी और गाली-गलौज का दौर शुरू हो गया।
लाठी-डंडों और लात-घूंसों से महिलाओं पर बेरहमी से हमला
शिकायत के अनुसार, विवाद बढ़ने के कुछ ही देर बाद फिरदोस बेगम, उनकी बहन सलतनत बेगम और एक अन्य आरोपी मेहताब खान अपने घर से बाहर निकल आए। आरोप है कि सलतनत बेगम अपने हाथ में एक बड़ा डंडा लेकर आई थीं और उन्होंने आते ही परमिला सेन पर हमला कर दिया। वहीं, फिरदोस बेगम और मेहताब खान ने भी महिला को अश्लील गालियां देते हुए लात-घूंसों और मुक्कों से पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर जब पड़ोस में रहने वाली पिंकी जॉर्ज नामक महिला बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो सलतनत बेगम ने उनके सिर और नाक पर डंडे से जोरदार वार कर दिया, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर गईं।
आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
पीड़ित महिलाओं की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मुजगहन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सलतनत बेगम, फिरदोस बेगम और मेहताब खान के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। वहीं दूसरी ओर, इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क उठा। बुधवार की रात को विरोध जताने के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ता अनोखे अंदाज में अपने साथ जिंदा सुअर लेकर मुस्लिम बाहुल्य बस्ती के भीतर पहुंच गए, जिससे वहां अचानक भारी अफरा-तफरी और तनाव का माहौल निर्मित हो गया।
मुजगहन थाना पुलिस ने संभाला मोर्चा
बस्ती में सुअर लेकर पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने वहां खड़े होकर जोर-जोर से हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करना शुरू कर दिया, जिससे स्थिति बेहद नाजुक हो गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुजगहन थाना प्रभारी अपनी पूरी टीम और अतिरिक्त पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बजरंग दल के नेताओं को शांत कराया और माहौल को बिगड़ने से रोका। पुलिस प्रशासन का कहना है कि रील बनाने के विवाद में केस दर्ज हो चुका है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, इसलिए कोई भी कानून हाथ में न ले।










