Youth Olympics 2026 : डकार युवा ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मणिपुर की प्रतिभाशाली वुशु खिलाड़ी राजकुमारी लंचेनबी चानू ने मंगलवार को महिला चांगक्वान संयुक्त स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय खेल जगत को गौरवान्वित किया है। खास बात यह है कि राजकुमारी चानू वुशु में युवा ओलंपिक खेलों का पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से देश में वुशु खेल को नई पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
18.039 अंक हासिल कर जीता कांस्य पदक
राजकुमारी लंचेनबी चानू ने महिला चांगक्वान संयुक्त स्पर्धा में कुल 18.039 अंक हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इस मुकाबले में मिस्र की खिलाड़ी सोंडोस सोनबोल ने 18.660 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता। वहीं वेनेजुएला की वालेरिया फ्रैनरीस डुडामेल ने 18.199 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया।

भारतीय खिलाड़ी ने दोनों स्पर्धाओं में संतुलित प्रदर्शन किया। चांगक्वान स्पर्धा में उन्होंने 9.316 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि गुनशु स्पर्धा में 8.723 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। दोनों स्पर्धाओं के संयुक्त प्रदर्शन ने उन्हें कांस्य पदक दिलाया।

डकार युवा ओलंपिक में भारत के पदकों की संख्या बढ़ी
राजकुमारी चानू के कांस्य पदक के साथ डकार युवा ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन और मजबूत हुआ है। भारतीय खिलाड़ी अब तक प्रतियोगिता में एक रजत और दो कांस्य पदक जीत चुके हैं। अलग-अलग खेलों में युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारत के लिए उत्साहजनक साबित हो रही हैं।
इससे पहले सोमवार को भारतीय जुडो खिलाड़ी खुशबू राजकभाई ने रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था। वह युवा ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय जुडोका बनी थीं। उनकी इस उपलब्धि ने भी भारतीय खेल प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया था।

धिनिधि देसिंघु ने तैराकी में जीता कांस्य पदक
भारतीय खिलाड़ियों की सफलता का सिलसिला केवल वुशु और जुडो तक सीमित नहीं रहा। तैराकी में उभरती हुई खिलाड़ी धिनिधि देसिंघु ने महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। बेंगलुरु की 16 वर्षीय तैराक ने सोमवार को फाइनल मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और भारत को प्रतियोगिता का पहला पदक दिलाया था।
इस स्पर्धा में क्रोएशिया की एना बोबानोविच ने 55.89 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं न्यूजीलैंड की एलिसा लॉसन ने 56.13 सेकंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। धिनिधि ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि भारतीय तैराकी का भविष्य भी काफी उज्ज्वल है।
पेरिस ओलंपिक में भी दिखा चुकी हैं प्रतिभा
धिनिधि देसिंघु का अंतरराष्ट्रीय खेल सफर बेहद कम उम्र में ही चर्चा में आ गया था। वह केवल 14 साल की उम्र में पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों में भारतीय दल की सबसे कम उम्र की सदस्य बनी थीं। उस प्रतियोगिता में उन्हें दुनिया के कई दिग्गज तैराकों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला था।
इन खिलाड़ियों में फ्रांस के मशहूर तैराक लियोन मार्चंड भी शामिल थे। अब युवा ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर धिनिधि ने अपने खेल करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ ली है।
भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों से बढ़ी उम्मीदें
डकार युवा ओलंपिक में राजकुमारी चानू, खुशबू राजकभाई और धिनिधि देसिंघु की सफलताओं ने भारत के लिए नई उम्मीदें पैदा की हैं। खासतौर पर वुशु में पहला पदक जीतना ऐतिहासिक उपलब्धि है। इन युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले समय में भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

