Rajnandgaon ED Raid: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने गुरुवार सुबह कई बड़े कारोबारियों के घर और व्यावसायिक ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों की टीम ने सुबह करीब छह बजे अलग-अलग परिसरों में पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कथित घोटाले और वित्तीय लेन-देन की जांच के सिलसिले में की जा रही है। कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

नाहटा ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर पहुंची टीम
ईडी की टीम ने राजनांदगांव की सत्यम विहार कॉलोनी स्थित यश नाहटा और रोमिल नाहटा के आवास तथा कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने परिसर के भीतर मौजूद दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया। जांच एजेंसी की टीम लंबे समय तक यहां दस्तावेजों की पड़ताल करती रही। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

भंसाली परिवार के परिसरों में भी जांच
इसी दौरान ईडी अधिकारियों की एक टीम ने कामठी लाइन इलाके में कारोबारी मनीष भंसाली से जुड़े ठिकाने पर भी दबिश दी। यहां अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेजों और अन्य कागजात की जांच की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भंसाली परिवार का कारोबार सरकारी टेंट हाउस के काम से भी जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी इस मामले में कारोबारी गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड खंगाल रही है।
रायपुर और भोपाल से पहुंची अधिकारियों की टीम
बताया जा रहा है कि ईडी की कार्रवाई के लिए रायपुर और भोपाल से अधिकारियों की टीम राजनांदगांव पहुंची थी। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की, जिससे स्थानीय स्तर पर हलचल बढ़ गई। अधिकारियों ने परिसरों में मौजूद दस्तावेज, आय से संबंधित रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाने का काम किया। फिलहाल जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी होने की बात सामने आई है।
DMF घोटाले से जुड़े लेन-देन की जांच
ईडी की टीम कथित DMF घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। जांच में आयकर रिटर्न, बैंकिंग रिकॉर्ड, कारोबारी लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को शामिल किया गया है। अधिकारियों की ओर से पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि संदिग्ध लेन-देन या वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित कड़ियों का पता लगाया जा सके।

अक्टूबर 2025 में भी हुई थी कार्रवाई
जिन परिसरों में गुरुवार को छापेमारी की गई, वहां अक्टूबर 2025 में भी ईडी की टीम कार्रवाई कर चुकी है। एक बार फिर उन्हीं से जुड़े ठिकानों पर जांच होने से मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पिछली कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों और मौजूदा जांच के बीच संभावित संबंधों को भी अधिकारी खंगाल रहे हैं। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक कार्रवाई के अंतिम नतीजे सार्वजनिक नहीं किए हैं।
सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात
ईडी की छापेमारी को देखते हुए संबंधित परिसरों के बाहर स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को मौके पर रखा है। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जांच पूरी होने तक परिसरों में अधिकारियों की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
राजनांदगांव के कारोबारी हलकों में हलचल
सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद राजनांदगांव के कारोबारी और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। कई लोग ईडी की इस कार्रवाई को DMF से जुड़े पुराने मामलों की जांच से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि तलाशी के दौरान एजेंसी को कौन से दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल ईडी की ओर से छापेमारी को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए कार्रवाई के उद्देश्य और संभावित बरामदगी को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और एजेंसी के आधिकारिक बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई में क्या तथ्य सामने आए और आगे किस तरह की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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