Rajya Sabha news : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा के लिए चार नए सदस्यों को नामित किया है। इनमें देश के प्रसिद्ध वकील उज्ज्वल निकम, इतिहासकार और शिक्षाविद मीनाक्षी जैन, भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और केरल के वरिष्ठ समाजसेवी सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं। ये नामांकन राज्यसभा में नामित सदस्यों की उन सीटों के लिए किए गए हैं, जो हाल ही में रिक्त हुई थीं।
उज्ज्वल निकम देश के सबसे चर्चित सरकारी वकीलों में से एक रहे हैं। वे 26/11 मुंबई आतंकी हमले, प्रेर्णा हत्याकांड, अबू सलेम और याकूब मेमन जैसे कई हाई-प्रोफाइल मामलों में विशेष पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के रूप में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। हाल ही में उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर किस्मत आजमाई थी। कानून और न्याय के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और योगदान को देखते हुए उन्हें राज्यसभा में स्थान दिया गया है।
प्रख्यात इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन को भी राज्यसभा के लिए नामांकित किया गया है। वे लंबे समय से भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं पर शोध कर रही हैं। उनकी पुस्तकें और शोधपत्र देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। शिक्षाविद के रूप में उनके योगदान को मान्यता देते हुए यह नामांकन किया गया है। संसद में उनके अनुभव से नीतिगत मामलों और इतिहास संबंधी विधेयकों पर सटीक दृष्टिकोण मिल सकेगा।
हर्षवर्धन श्रृंगला भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं और भारत के विदेश सचिव के रूप में उन्होंने देश की कूटनीतिक नीति को दिशा दी। अमेरिका और बांग्लादेश में भारत के राजदूत के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की साख मजबूत करने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। अब संसद के उच्च सदन में वे विदेश नीति और रणनीतिक मामलों पर अपनी विशेषज्ञता साझा कर सकेंगे।
केरल के समाजसेवी और शिक्षाविद सी. सदानंदन मास्टर को भी राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। वे कई वर्षों से ग्रामीण विकास, शिक्षा और समाज कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए उनका कार्य प्रेरणादायक रहा है। उनके अनुभव से सामाजिक नीति-निर्माण में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 80(3) राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वे राज्यसभा में 12 ऐसे सदस्यों को नामित करें जो कला, साहित्य, विज्ञान, खेल, समाजसेवा आदि क्षेत्रों में विशेष योगदान दे चुके हों। यह व्यवस्था इस उद्देश्य से की गई है कि संसद में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की उपस्थिति रहे और कानून बनाने की प्रक्रिया में उनका अनुभव देशहित में काम आए।
राज्यसभा, भारतीय संसद का उच्च सदन है, जिसका कार्यकाल छह वर्षों का होता है। हर दो साल में एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं और उनके स्थान पर नए सदस्य चुने जाते हैं। राज्यसभा के कुल 245 सदस्य होते हैं, जिनमें से 233 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं। शेष 12 सदस्यों को राष्ट्रपति नामित करते हैं।
इन 12 नामित सदस्यों को जनता सीधे नहीं चुनती। सरकार उपयुक्त नामों की अनुशंसा राष्ट्रपति को भेजती है, और राष्ट्रपति उन्हें मनोनीत करते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि संसद में विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व हो और हर वर्ग की समझ कानून निर्माण में परिलक्षित हो।
चारों नामित सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे चुके हैं। उज्ज्वल निकम कानून, मीनाक्षी जैन इतिहास, हर्षवर्धन श्रृंगला विदेश नीति और सदानंदन सामाजिक सेवा के क्षेत्र में गहराई से जुड़े हैं। इनके अनुभव और ज्ञान से संसद में चल रही चर्चाओं और विधेयकों को दिशा मिलेगी। यह नामांकन न केवल संसद को समृद्ध करेगा, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत बनाएगा कि देश के नीति-निर्माण में विशेषज्ञों की भूमिका अहम है।
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