Ram Mandir Donation Controversy: फैजाबाद वकीलों का विरोध मार्च, चंपत राय समेत तीन पर FIR की मांग

Ram Mandir Donation Controversy:  अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं के कथित मामलों को लेकर अब स्थानीय स्तर पर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने गुरुवार को इस मामले के विरोध में एक जोरदार मार्च निकाला और पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। वकीलों की मुख्य मांग राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करना है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि बार एसोसिएशन इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच की मांग कर रहा है। वकीलों का यह समूह अदालत परिसर से श्रीराम जन्मभूमि थाने तक पहुंचा, जहाँ उन्होंने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए जमकर नारेबाजी की।

ads

‘आरोपियों का बचाव करने पर जुर्माना’: बार एसोसिएशन का कड़ा रुख

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बार एसोसिएशन का रुख इस मामले में अत्यंत सख्त है। उन्होंने पहले ही यह घोषणा कर दी है कि अयोध्या का कोई भी वकील इन आरोपियों का कानूनी बचाव नहीं करेगा। इतना ही नहीं, एसोसिएशन ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि कोई वकील आरोपियों का प्रतिनिधित्व करने का प्रयास करता है, तो उसे प्रति आरोपी 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना भरना होगा। कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यदि पुलिस की ओर से मामला दर्ज करने में हीला-हवाली की गई, तो बार एसोसिएशन सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा।

Adst

सुरक्षा घेरे में राम मंदिर ट्रस्ट, महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी निगाहें

विवाद के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख परिसरों और ट्रस्ट कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया है। तीर्थ क्षेत्र कार्यालय, कारसेवकपुरम और अन्य संवेदनशील ठिकानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्यालय में चार उपनिरीक्षकों के साथ-साथ प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) की एक कंपनी को भी तैनात किया गया है। यह सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से ट्रस्ट की आगामी बैठक को ध्यान में रखते हुए बढ़ाई गई है, जिसमें महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पेशकश समेत कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषयों पर मंथन होना है।

सरकारी एसआईटी जांच और आरोपों का सिलसिला

गौरतलब है कि यह सारा विवाद तब शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे के गबन का गंभीर आरोप लगाया था। राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद 25 जून को एक प्राथमिकी दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच के सिलसिले में चंपत राय का बयान भी दर्ज किया जा चुका है, जिन्होंने ‘नैतिक जिम्मेदारी’ लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की थी। फिलहाल, पत्रकारों को मंदिर के निकटवर्ती अवरोधकों तक ही सीमित रखा गया है, ताकि दर्शनार्थियों को कोई असुविधा न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मीडिया कवरेज पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद है।

Read More : PM Modi News: तकाइची को PM मोदी ने बताया छोटी बहन, आपसी भरोसे को कहा सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.