Ram Mandir Row: राम मंदिर से जुड़े कथित दान चोरी मामले को लेकर सोमवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों ने एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने एक सांकेतिक दान पेटी में रुपये डालकर विरोध दर्ज कराया। इस दान पेटी पर ‘दान चोरी’ लिखा हुआ पोस्टर लगाया गया था, जिसके जरिए विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।

डिंपल यादव ने सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, जनता महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों से परेशान है, लेकिन सरकार इन समस्याओं पर जवाब देने के बजाय दूसरे विवादों को आगे ला रही है। डिंपल यादव ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े दान और जमीन से संबंधित कथित मामलों में अब तक किसी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।

दान और चढ़ावे को लेकर उठाए सवाल
डिंपल यादव ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के प्रति आस्था और विश्वास के साथ दान-पेटी में धनराशि तथा विभिन्न प्रकार की धातुएं और बहुमूल्य वस्तुएं अर्पित की थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह पूरा दान और चढ़ावा कहां गया और इसका हिसाब सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उनका कहना था कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है तो सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ इस मामले की जानकारी देश के सामने रखनी चाहिए।
एफआईआर को बताया ध्यान भटकाने की कोशिश
सपा सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ ‘सनातन धर्म के अपमान’ के आरोप में दर्ज एफआईआर का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों को प्रमुखता देकर सरकार विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। डिंपल यादव के अनुसार, विपक्ष लगातार राम जन्मभूमि भूमि विवाद और कथित दान चोरी मामले पर जवाब मांग रहा है, इसलिए राजनीतिक स्तर पर नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं।
जनता में बढ़ रही नाराजगी का दावा
डिंपल यादव ने कहा कि देश में सरकार को लेकर लोगों के बीच निराशा और असंतोष का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों का समाधान करने में असफल रही है। उनका कहना था कि विपक्ष जिन सवालों को संसद और जनता के बीच उठा रहा है, उनसे बचने के लिए राजनीतिक ध्यान दूसरी ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि राम मंदिर से जुड़े दान और कथित वित्तीय मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

राजीव शुक्ला ने भी उठाए ट्रस्ट संचालन पर सवाल
कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि सनातन बोर्ड बनाने की बात की जा रही है तो फिर राम मंदिर ट्रस्ट के संचालन को लेकर भी स्पष्ट नीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से जुड़े लोग ही ट्रस्ट का संचालन क्यों करें और इसके पीछे क्या कारण हैं। राजीव शुक्ला ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार के विवाद की गुंजाइश न रहे।
मामले पर सियासी बयानबाजी तेज
राम मंदिर दान विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विपक्ष इस मामले में जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह इस मामले को लगातार उठाता रहेगा और सरकार से जवाब मांगता रहेगा।
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