Ram Mandir Donation Case : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के कार्यकाल को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक बार फिर से बढ़ा दिया गया है। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने एसआईटी को अपनी जांच पूरी करने के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। अब यह तीन सदस्यीय एसआईटी आगामी 30 जुलाई 2026 तक इस बहुचर्चित मामले की जांच पड़ताल जारी रखेगी। टीम द्वारा सरकार से और समय की मांग किए जाने के बाद शासन ने इसके कार्यकाल विस्तार को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है।

सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों पर विचार और जांच तंत्र का पुनर्गठन
वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश सरकार देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों पर अत्यंत गंभीरता के साथ विचार कर रही है। अदालत के स्पष्ट आदेशों के अनुरूप ही मामले की जांच की आगे की दिशा तय की जा रही है। इसके साथ ही सरकार प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के जांच तंत्र में बड़े बदलाव तथा उसके पुनर्गठन को लेकर भी लगातार उच्च स्तर पर मंथन कर रही है। प्रशासनिक एसआईटी के साथ-साथ अब एक अलग विशेष क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन टीम (आपराधिक जांच टीम) के गठन की भी पूरी तैयारी कर ली गई है।

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में बनेगी नई आपराधिक जांच टीम
प्रस्तावित नई आपराधिक जांच टीम का मुख्य नेतृत्व किसी तेज-तर्रार और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को सौंपे जाने की प्रबल संभावना है। इस प्रस्तावित और विशेष आपराधिक जांच टीम में दो अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ शामिल किया जा सकता है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी वित्तीय और आपराधिक गड़बड़ी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा न जाए और कानूनी शिकंजा कसकर शिकंजा मजबूत किया जा सके।
जांच का दायरा बढ़ने से कार्यों का होगा स्पष्ट विभाजन
जांच का दायरा व्यापक होने के कारण अब आगे के सभी कार्यों को स्पष्ट रूप से विभाजित कर दिया जाएगा। आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व वाली नई टीम पूरी तरह से इस घटना से जुड़े आपराधिक पहलुओं और साजिश की गहराई से जांच करेगी, जबकि मौजूदा प्रशासनिक एसआईटी अपनी स्थापित व्यवस्था के तहत प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की खामियों की गहन जांच जारी रखेगी। एसआईटी की इस व्यापक रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि संस्थागत स्तर पर भविष्य में और किस प्रकार के कड़े सुधार करने की आवश्यकता है।
मौजूदा एसआईटी सौंपेगी अंतिम रिपोर्ट, आपराधिक पहलुओं पर होगी अलग जांच
मौजूदा एसआईटी अपनी चल रही जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाकर अपनी अंतिम रिपोर्ट सीधे उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपेगी। इस विस्तृत रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए तमाम नए और चौकाने वाले तथ्यों के साथ-साथ चल रही आपराधिक जांच के मुख्य बिंदुओं को भी शामिल किया जाएगा। इस प्रकार आने वाले दिनों में आपराधिक जांच और प्रशासनिक जवाबदेही, दोनों ही महत्वपूर्ण पहलुओं पर बिल्कुल अलग-अलग और समानांतर रूप से आगे की जांच कार्रवाई की जाएगी ताकि सच्चाई पूरी तरह से सामने आ सके।
सुप्रीम कोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट और ट्रस्ट व एसबीआई की सुरक्षा पर सवाल
गौरतलब है कि बीते 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को यह सख्त निर्देश दिया था कि वह जल्द से जल्द अदालत के समक्ष अपनी अद्यतन (Status) रिपोर्ट दाखिल करे। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया था। इससे पहले 23 जून को एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसमें कथित तौर पर यह बात सामने आई थी कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा तय किए गए सुरक्षा मानकों का बार-बार उल्लंघन किया गया था, जिसके चलते यह गंभीर घटना घटी।
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