Naib Tehsildar Dispute
Naib Tehsildar Dispute : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में तैनात नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी और सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच हुआ प्रशासनिक विवाद अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया और बड़ा मोड़ तब आया, जब खुद आरोपी विधायक रामकुमार टोप्पो ने सार्वजनिक रूप से कानून के सामने आत्मसमर्पण (गिरफ्तारी देने) करने का बड़ा एलान कर दिया। विधायक ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि उन्हें इस मुद्दे को लेकर काम बंद करने या किसी भी प्रकार की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की कतई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे स्वयं कानून का सम्मान करते हुए पुलिस के समक्ष अपनी गिरफ्तारी देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मीडियाकर्मियों से बेहद संजीदगी से चर्चा करते हुए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि उनके चाहने वालों और समर्थकों को इस घटनाक्रम के बाद किसी भी तरह की गुटबाजी, भीड़ इकट्ठा करने या पैनिक (घबराने) होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सूबे की विष्णुदेव साय सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य में पूरी तरह से सुशासन की सरकार चल रही है, यही वजह है कि एक सत्ताधारी विधायक होने के बावजूद उनके खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने में किसी भी विभाग को कोई परेशानी या अड़चन नहीं आई। विधायक ने आगे कहा कि यदि जिला और पुलिस प्रशासन उन्हें इस मामले में कानूनी तौर पर गिरफ्तार करना चाहता है, तो वे भागेंगे नहीं बल्कि कानून की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए खुद को पुलिस के हवाले कर देंगे।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारतीय लोकतंत्र में कानून से ऊपर कोई भी व्यक्ति नहीं है, चाहे वह जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो। उन्होंने जांच एजेंसियों को भरोसा दिलाया कि वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच प्रक्रिया में पुलिस का शत-प्रतिशत सहयोग करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र की जनता और अपने कार्यकर्ताओं से हर हाल में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पुरजोर अपील की है, ताकि किसी भी तरह की उग्र प्रतिक्रिया या अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस भी इस पूरे मामले को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर हमलावर है।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद बीते बुधवार, 27 मई को उस समय शुरू हुआ जब सीतापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजापुर गांव में शासकीय भूमि संबंधी कार्य चल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके कुछ स्थानीय सहयोगियों ने न केवल तीखी बहस की, बल्कि उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और बेहद अभद्र व्यवहार भी किया। सरकारी अधिकारी के साथ ऑन-ड्यूटी हुई इस बदसलूकी की घटना के बाद कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ सहित संपूर्ण राजस्व विभाग के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों में भारी आक्रोश और गहरी नाराजगी फैल गई।
इस घटना के तुरंत बाद पीड़ित अधिकारी और राजस्व संघ के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने सरगुजा कलेक्टर को एक सख्त ज्ञापन सौंपकर आरोपी विधायक और उनके साथियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की थी। इसके साथ ही राजस्व अधिकारियों ने सामूहिक रूप से चेतावनी दी थी कि यदि दोषियों पर तत्काल सख्त एक्शन नहीं लिया गया, तो वे पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाने को विवश होंगे। बहरहाल, विधायक के आत्मसमर्पण वाले इस नए बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं और अब देखना होगा कि सरगुजा पुलिस प्रशासन इस बेहद संवेदनशील मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाता है।
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