रांची में जर्जर पानी की टंकी गिरने से हादसा हुआ। मलबे में दबे मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। हादसे में दो मजदूरों की मौत हुई, जबकि तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने जांच शुरू की।
रांची में जर्जर पानी की टंकी गिरने से हादसा हुआ। मलबे में दबे मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। हादसे में दो मजदूरों की मौत हुई, जबकि तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने जांच शुरू की।

Ranchi Water Tank Collapse : झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार शाम एक पुरानी और जर्जर पानी की टंकी को गिराने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कोतवाली थाने के पीछे स्थित पानी की टंकी अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। उस समय मौके पर मजदूर ध्वस्तीकरण का काम कर रहे थे। टंकी के मलबे में दो मजदूर दब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


जानकारी के मुताबिक, हादसा बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ। बताया जा रहा है कि पानी की पुरानी टंकी काफी समय से जर्जर अवस्था में थी और इसे तोड़ने का काम करीब एक महीने से चल रहा था। हादसे के समय मजदूर टंकी के पिलर के भीतर मौजूद लोहे की छड़ों को कटर की मदद से काट रहे थे। इसी दौरान अचानक पूरी संरचना भरभराकर गिर गई।

घटना के समय कुल पांच मजदूर मौके पर काम कर रहे थे। टंकी गिरने के बाद इनमें से तीन मजदूर किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। वहीं, दो अन्य मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
हादसे के बाद मलबा हटाने का काम बेहद सावधानी से शुरू किया गया। पुलिस और नगर निगम की टीमों ने बचाव अभियान चलाते हुए काफी मशक्कत के बाद एक मजदूर का शव मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद दूसरे मजदूर की तलाश जारी रही। मलबे की स्थिति को देखते हुए बचाव दलों को काफी सतर्कता के साथ काम करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। NDRF की 9वीं बटालियन ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन संभाला। टीम ने मलबे में दबे दूसरे मजदूर का शव भी बरामद कर लिया। बाद में दोनों शव पुलिस को सौंप दिए गए, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।

NDRF की 9वीं बटालियन के कमांडेंट मोहम्मद सलीम रहीम ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हादसे के वक्त पांच लोग मौके पर मौजूद थे। इनमें से तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि एक शव सिविल प्रशासन ने पहले ही बरामद कर लिया था, जबकि NDRF की टीम ने बाद में दूसरे शव को मलबे से बाहर निकाला।
इस हादसे ने जर्जर और पुराने ढांचों को ध्वस्त करने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुरानी पानी की टंकी को तोड़ने का काम करीब एक महीने से चल रहा था, लेकिन हादसे के बाद यह जांच का विषय बन गया है कि ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। प्रशासन घटना की परिस्थितियों की जांच कर सकता है।
रांची की घटना के बीच दिल्ली में भी जर्जर और अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई चर्चा में है। सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने राजधानी के सभी 12 जोन में व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान 34 भवनों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि 17 संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा 22 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए।
दिल्ली में नगर निगम की कार्रवाई से अवैध निर्माण और पीजी संचालकों के बीच भी चिंता बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, चार अतिरिक्त ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद अलग-अलग इलाकों में रहने वाले छात्रों के सामने भी परेशानी खड़ी हो रही है। कार्रवाई के डर से कुछ पीजी संचालकों द्वारा छात्रों से परिसर खाली कराने की स्थिति सामने आई है।
इसी बीच डेज हॉस्टल हादसे के मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्हें इमारत के जर्जर होने की जानकारी थी। रांची में पानी की टंकी हादसे और दिल्ली में असुरक्षित इमारतों पर कार्रवाई ने एक बार फिर पुराने और कमजोर ढांचों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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