Red Fort Blast: दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास सोमवार को एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। यह धमाका गेट नंबर एक के पास स्थित एक कार में हुआ था, जिससे आसपास की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। धमाके में कई लोग मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं। पुलिस घटनास्थल पर जांच कर रही है और विस्फोट से जुड़े लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विस्फोट एक कार में रखे गए विस्फोटक से हुआ था, और पुलिस अब उस कार के मालिक और अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
Red Fort Blast: धमाके वाली कार की मूवमेंट का खुलासा
पुलिस की जांच में सामने आया कि जिस कार में धमाका हुआ, वह हुंडई की i20 थी। 10 नवंबर को इस कार की मूवमेंट और लोकेशन के बारे में जानकारी प्राप्त हुई, जिसे पुलिस ने जांच के दौरान ट्रैक किया। कार के दिल्ली में प्रवेश करने से लेकर धमाके तक की यात्रा कुछ इस प्रकार थी:08:04 बजे – कार बदरपुर टोल बूथ से होते हुए दिल्ली में दाखिल हुई।08:20 बजे – कार ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर देखी गई।03:19 बजे – कार लाल किला के पास स्थित पार्किंग एरिया में दाखिल हुई।06:00 बजे – कार लाल किला पार्किंग से बाहर निकलती हुई देखी गई, और फिर करीब 6:52 बजे उस कार में धमाका हुआ।
इसके अलावा, कार को दिल्ली के अन्य प्रमुख इलाकों जैसे दरियागंज, कश्मीरी गेट और सुनेहरी मस्जिद के पास भी देखा गया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि कार ने कई महत्वपूर्ण स्थानों से यात्रा की थी।
Red Fort Blast: विस्फोट का पुलवामा कनेक्शन
दिल्ली में हुए इस धमाके का जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से भी कनेक्शन सामने आया है। पुलिस की जांच में यह पता चला कि जिस कार में धमाका हुआ, वह हरियाणा की नंबर प्लेट (HR 26 7624) से थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यह कार पहले सलमान नाम के एक व्यक्ति की थी, जिसने डेढ़ साल पहले इसे दिल्ली के ओखला निवासी देवेंद्र को बेच दिया था।
Red Fort Blast: कार की खरीद-बिक्री की रहस्यमयी कड़ी
कार की खरीद-बिक्री का सिलसिला और भी पेचीदा हो गया जब यह पता चला कि देवेंद्र ने कार को हरियाणा के अंबाला में किसी अन्य व्यक्ति को बेचा था। आगे की जांच में यह खुलासा हुआ कि यह कार पुलवामा के एक व्यक्ति, तारिक को भी बेची गई थी। पुलवामा कनेक्शन ने इस मामले को और जटिल बना दिया, और अब पुलिस इस पूरे मामले के तार आपस में जोड़ने की कोशिश कर रही है।धमाके के बाद पुलिस ने सलमान को हिरासत में ले लिया है, और उससे पूछताछ की जा रही है। सलमान ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी कार देवेंद्र को बेची थी, और अब देवेंद्र का नाम भी इस मामले में सामने आया है। हालांकि, जांच अभी भी जारी है, और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक कहां से आए, और इन घटनाओं में किसका हाथ है।
पुलिस की जांच और संभावित कनेक्शंस
दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तफ्तीश कर रही हैं। कार की खरीद-बिक्री के दौरान की गई हर एक गतिविधि की जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि विस्फोट के पीछे कौन लोग थे। पुलवामा कनेक्शन से यह मामला और भी जटिल हो गया है, क्योंकि यह एक आतंकवादी हमले का इशारा भी हो सकता है।
धमाके का असर और सुरक्षा उपाय
दिल्ली में हुए इस धमाके ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। दिल्ली में आतंकी गतिविधियों और विस्फोटक पदार्थों से जुड़ी घटनाओं में इजाफा हो सकता है, और इसलिए इन संभावनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा बलों ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है।इस घटना ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था की जांच पर सवाल खड़ा कर दिया है, और अब यह देखना होगा कि पुलिस इस मामले में और किस दिशा में जांच करती है और किस प्रकार के सुराग प्राप्त करती है।