Religious Conversion
Religious Conversion: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से धर्मांतरण के एक बेहद संगठित और आधुनिक नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ग्राम धर्मापुर में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे एक आश्रम और चर्च के माध्यम से भोले-भाले ग्रामीणों को लक्ष्य बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस की सक्रियता से न केवल इस काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि इस नेटवर्क के पीछे छिपी अंतरराष्ट्रीय साजिश के संकेत भी मिले हैं। पुलिस ने इस मामले के मुख्य सूत्रधार को हिरासत में ले लिया है और जांच का दायरा अब राज्य के अन्य जिलों तक फैला दिया गया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि डेविड चाको नामक व्यक्ति ग्राम धर्मापुर में बिना किसी सरकारी अनुमति के एक आश्रम और चर्च का संचालन कर रहा था। सबसे गंभीर आरोप यह है कि इस आश्रम में कई नाबालिग बच्चों को रखा गया था। इन बच्चों को कथित तौर पर धार्मिक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था और उनके माध्यम से ही अन्य परिवारों तक पहुंच बनाई जा रही थी। नाबालिगों को इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल करना न केवल धार्मिक स्वतंत्रता कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह बाल अधिकारों के हनन का भी एक गंभीर मामला बन गया है।
इस नेटवर्क की सबसे अनोखी और खतरनाक बात यह थी कि इन्होंने सुदूर अंचलों में बसे उन गांवों को चुना जहां बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली तक नहीं पहुंची है। ग्रामीणों को प्रभावित करने के लिए आरोपी डेविड चाको सोलर-आधारित डिजिटल प्रोजेक्टर का इस्तेमाल कर रहा था। बिजली की कमी इन हाई-टेक प्रचारकों के लिए बाधा नहीं बनी। इन प्रोजेक्टरों के जरिए अंधेरे गांवों में धार्मिक वीडियो और विशेष सामग्री दिखाकर ग्रामीणों के मन-मस्तिष्क को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता था। यह तकनीक दर्शाती है कि धर्मांतरण का यह खेल कितना सुनियोजित और तकनीकी रूप से उन्नत था।
पुलिस ने जब आश्रम पर छापा मारा, तो वहां से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। इनमें विशेष रूप से डिजाइन किए गए हाई-टेक सोलर प्रोजेक्टर और अन्य विदेशी यंत्र शामिल हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। इतनी महंगी तकनीक और विदेशी उपकरणों की मौजूदगी ने पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं। पुलिस महानिरीक्षक और स्थानीय अधिकारियों को प्रबल आशंका है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे विदेशों से बड़ी फंडिंग की जा रही है। जांच एजेंसियां अब उन वित्तीय स्रोतों की तलाश कर रही हैं, जहां से इन उपकरणों को खरीदने के लिए धन आ रहा था।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 8 जनवरी को हुई, जब ग्राम धर्मापुर के जागरूक ग्रामीणों ने पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी। ग्रामीणों ने अवैध आश्रम में चल रही संदिग्ध गतिविधियों, नाबालिगों की मौजूदगी और लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिशों के बारे में विस्तार से बताया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा ने तुरंत एक्शन के निर्देश दिए। नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर आश्रम की घेराबंदी की।
पुलिस ने मुख्य आरोपी डेविड चाको को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है जो राज्य के अन्य जिलों से जुड़ी हो सकती हैं। संदेह है कि डेविड चाको इस संगठित नेटवर्क का केवल एक हिस्सा है और इसके पीछे कई और “मास्टरमाइंड” छिपे हो सकते हैं। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
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