IT Raid Bilaspur
IT Raid Bilaspur: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से शुक्रवार की सुबह एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। प्रदेश के जाने-माने सड़क निर्माण ठेकेदार बी.आर. गोयल के ठिकानों पर आयकर विभाग (Income Tax Department) ने एक साथ धावा बोला है। छापेमारी की यह कार्रवाई अत्यंत गोपनीय तरीके से शुरू की गई, जिसने औद्योगिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। विभाग की टीमें न केवल बिलासपुर, बल्कि मध्य प्रदेश के इंदौर सहित कई अन्य शहरों में फैले उनके व्यापारिक ठिकानों पर भी एक साथ पहुंची हैं।
ताजा अपडेट के अनुसार, आयकर विभाग की एक विशेष टीम बिलासपुर स्थित पाराघाट टोल प्लाजा के मुख्य कार्यालय पहुंची हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीन अलग-अलग वाहनों में सवार होकर आए अधिकारी सुबह-सुबह दफ्तर में दाखिल हुए और तुरंत पूरे परिसर को अपने घेरे में ले लिया। टीम ने वहां मौजूद कंप्यूटर सिस्टम, वित्तीय रजिस्टरों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, वहां कार्यरत कर्मचारियों के मोबाइल फोन अलग रखवा दिए गए हैं और उनसे वित्तीय लेन-देन के संबंध में पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मुख्य फोकस आय-व्यय के रिकॉर्ड और टैक्स असेसमेंट फाइलों पर है।
सूत्रों का कहना है कि यह केवल स्थानीय स्तर की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसके तार बड़े पैमाने पर जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं से हो सकते हैं। बी.आर. गोयल के इंदौर स्थित ठिकानों पर भी आयकर विभाग की टीमें सक्रिय हैं। आशंका जताई जा रही है कि आय के वास्तविक स्रोतों को छिपाने और टैक्स बचाने के लिए खातों में हेराफेरी की गई है। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या ‘सीजर मेमो’ जारी नहीं किया गया है, लेकिन कार्रवाई की व्यापकता को देखते हुए इसे एक बड़ी रिकवरी से जोड़कर देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग पिछले कुछ समय से बेहद आक्रामक नजर आ रहा है। याद दिला दें कि ठीक एक महीने पहले, 4 दिसंबर 2025 को विभाग ने प्रदेश के आयरन और स्टील कारोबारियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की थी। उस दौरान रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ में कुल 45 ठिकानों पर करीब 200 अधिकारियों की टीम ने लगातार चार दिनों तक जांच की थी। उस समय लगभग 300 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का अंदेशा जताया गया था।
सड़क ठेकेदार बी.आर. गोयल के यहां हुई यह ताजा कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आयकर विभाग प्रदेश में वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। पिछले कुछ छापों में मिले इनपुट के आधार पर ही इस नई कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। जानकारों का मानना है कि निर्माण कार्यों में हुए निवेश और कागजों पर दिखाए गए खर्चों के बीच बड़े अंतर के कारण विभाग ने यह कदम उठाया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, जब्त किए गए बेनामी दस्तावेजों और अघोषित संपत्ति से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
Read More: Jharkhand HC: झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ED अधिकारियों पर दर्ज FIR और कार्यवाही पर रोक
US Iran Tension : वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता कूटनीतिक गतिरोध एक बार फिर…
Mukesh Khanna : टीवी जगत के दिग्गज अभिनेता और बच्चों के चहेते 'शक्तिमान' यानी मुकेश…
Nepal Politics : नेपाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है।…
UGC NET : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य बनाने…
Best Sleeping Direction : अक्सर लोग रातभर की नींद पूरी करने के बाद भी सुबह…
Pune Pavana River Drowning : महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने…
This website uses cookies.