Republic Day
Republic Day 2026: जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस समारोहों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसी बीच, मंगलवार को सुरक्षा बलों ने श्रीनगर-बारामूला राजमार्ग पर एक शक्तिशाली परिष्कृत विस्फोटक उपकरण (IED) बरामद कर एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को विफल कर दिया। समय रहते आईईडी का पता चलने से न केवल एक बड़ा हादसा टल गया, बल्कि कई मासूमों और सुरक्षाकर्मियों की जान भी बच गई। इस घटना ने घाटी में सक्रिय आतंकी तत्वों की नापाक कोशिशों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह संदिग्ध विस्फोटक बारामूला जिले के पट्टानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तकिया टैपर गांव के पास सड़क किनारे लगाया गया था। आतंकवादियों का मकसद संभवतः सुरक्षा बलों के काफिले या आम नागरिकों के वाहनों को निशाना बनाना था। यह राजमार्ग सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह श्रीनगर को उत्तरी कश्मीर के प्रमुख शहरों से जोड़ता है। विस्फोटक को बहुत ही शातिराना तरीके से छिपाया गया था ताकि गश्त कर रहे बलों की नजर उस पर आसानी से न पड़े।
मंगलवार सुबह जब सुरक्षा बलों की एक नियमित गश्त टीम (Road Opening Party) इस मार्ग से गुजर रही थी, तभी उन्हें सड़क के किनारे एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। जवानों ने बिना देरी किए प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी और यातायात को रोक दिया। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) मौके पर पहुंचा। विशेषज्ञों ने सावधानीपूर्वक जांच के बाद पुष्टि की कि यह एक सक्रिय आईईडी है। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने विस्फोटक को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर निष्क्रिय कर दिया।
यह घटना 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस समारोह से महज कुछ दिन पहले हुई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। आम तौर पर इस समय के दौरान आतंकी गतिविधियां बढ़ने की आशंका रहती है। खुफिया इनपुट्स के अनुसार, आतंकवादी गणतंत्र दिवस के उल्लास में खलल डालने के लिए सार्वजनिक स्थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। आईईडी की इस बरामदगी के बाद श्रीनगर समेत पूरी कश्मीर घाटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद बारामूला और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा और अधिक सख्त कर दिया गया है। राजमार्गों पर अतिरिक्त चौकियां (Nakas) स्थापित की गई हैं, जहाँ हर आने-जाने वाले वाहन की गहन तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा, ड्रोन और अन्य तकनीकी उपकरणों की मदद से संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा बलों ने स्थानीय निवासियों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति को देखते ही तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सुरक्षा बल के कैंप को सूचित करें।
आईईडी लगाने वाले हमलावरों का पता लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने पट्टानी और आसपास के जंगलों में एक व्यापक तलाशी अभियान (Cordon and Search Operation) शुरू किया है। अधिकारियों का मानना है कि इस साजिश के पीछे किसी स्थानीय आतंकी मॉड्यूल का हाथ हो सकता है, जो सीमा पार बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहा है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गणतंत्र दिवस का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और देश की अखंडता को चुनौती देने वाले तत्वों को कड़ा जवाब दिया जाए।
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