RJD Candidate List : पटना में बिहार विधान परिषद स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 को लेकर राष्ट्रीय जनता दल यानी RJD ने अपने अधिकृत छह प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। सूची सामने आने के बाद पार्टी के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रत्याशियों के चयन पर सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पार्टी के फैसले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
रोहिणी आचार्य ने चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में कहा कि वैचारिक निष्ठा और लंबे राजनीतिक संघर्ष को नजरअंदाज करके चुनाव से ठीक पहले पार्टी में आए अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अनादर है। उनके मुताबिक, दशकों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को दरकिनार करना संगठन के जमीनी कैडर के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
पुराने नेताओं की अनदेखी का लगाया आरोप
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में उन नेताओं का भी जिक्र किया, जिन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक मुश्किल परिस्थितियों का सामना करते हुए संगठन को मजबूत करने वाले कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे फैसले से पार्टी के समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं में निराशा पैदा हो सकती है और संगठन के भीतर असंतोष बढ़ सकता है।
लालूवादियों से वादाखिलाफी का दावा
रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि प्रत्याशियों के चयन का यह फैसला निष्ठावान लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी जैसा है। उन्होंने इसे लालू प्रसाद यादव की विचारधारा, पार्टी के मूल सिद्धांतों और संगठन की मजबूती के लिए भी नुकसानदायक बताया। हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है और RJD की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
बाढ़ और किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
रोहिणी आचार्य इससे पहले बिहार में बाढ़ और किसानों को मिलने वाली राहत को लेकर भी सरकार पर सवाल उठा चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि राज्य में हर साल बाढ़ के कारण बड़ी मात्रा में फसलें प्रभावित होती हैं और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उनके मुताबिक, सरकार राहत और क्षतिपूर्ति के लिए योजनाओं के जरिए सहायता देने का दावा करती है, लेकिन मौजूदा महंगाई और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए यह सहायता पर्याप्त नहीं है।
फसल सहायता राशि को बताया अपर्याप्त
रोहिणी ने अपने बयान में बिहार राज्य फसल सहायता योजना और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए निर्धारित आर्थिक सहायता का उल्लेख किया था। उनका कहना था कि खेती की लागत पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है। ऐसे में किसानों को मिलने वाली निर्धारित राशि उनके वास्तविक नुकसान की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सहायता व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई थी।
सर्वे और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल
रोहिणी आचार्य ने फसल नुकसान के सर्वेक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि धीमी प्रशासनिक प्रक्रिया, कागजी औपचारिकताओं और कथित भ्रष्टाचार के कारण कई वास्तविक किसान सहायता से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने सरकार से पूछा था कि क्या आपदा के बाद केवल राहत बांटना पर्याप्त है या किसानों के लिए नई और व्यावहारिक नीति बनाने की जरूरत है।
पिता लालू यादव को लेकर भी भावुक हुई थीं रोहिणी
रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया पर राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ पारिवारिक भावनाओं को भी साझा करती रहती हैं। इससे पहले उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को लेकर एक भावुक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि अपने पिता को अलविदा कहना उनके लिए कभी आसान नहीं होता। अब RJD प्रत्याशियों के चयन को लेकर उनकी खुली नाराजगी ने बिहार की राजनीति और पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
Read More : Ilhan Omar Investigation: भाई से शादी के पुराने आरोप फिर गर्माए, DHS जांच से अमेरिकी राजनीति में मचा हड़कंप