Roorkee Kanwar Accident: उत्तराखंड के रुड़की में कांवड़ यात्रा के दौरान एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जिसमें दो कांवड़ियों की जान चली गई। यह घटना ग्राम बड़ेड़ी राजपूतान के पास उस स्थान पर हुई, जहां फ्लाईओवर निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण स्थल पर रखे गए भारी लोहे के गार्डर के अचानक गिरने से वहां विश्राम कर रहे दो श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।

हरिद्वार से लौटते समय विश्राम कर रहे थे कांवड़िये
जानकारी के अनुसार, दोनों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घर लौट रहे थे। लंबी यात्रा के कारण वे रुड़की के पास कुछ देर आराम करने के लिए फ्लाईओवर निर्माण स्थल के नीचे रुक गए। वहां पहले से कई अन्य कांवड़िये भी विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान निर्माण कार्य के लिए रखा गया एक बड़ा लोहे का गार्डर अचानक असंतुलित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक कांवड़िया गार्डर के ऊपर चढ़ गया था, जिसके कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे बैठे श्रद्धालुओं पर आ गिरा। देखते ही देखते शांत माहौल चीख-पुकार में बदल गया।

स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी और घायल कांवड़ियों को गार्डर के नीचे से बाहर निकालने में मदद की। कुछ ही देर में पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। गंभीर रूप से घायल दोनों श्रद्धालुओं को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से रुड़की के उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। प्रशासन ने मौके पर भीड़ को नियंत्रित किया और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित किया
रुड़की के उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों ने दोनों घायलों की जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के निवासी थे। मृतकों की पहचान 21 वर्षीय तनुज, पुत्र महेश चंद्र, निवासी छोटा हरिद्वार, जलालाबाद, थाना मुरादनगर तथा 22 वर्षीय कृष्ण, पुत्र मटरु, निवासी शकूरपुर, थाना भोजपुर के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया।
पुलिस ने परिजनों को दी सूचना, जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस ने मृतकों के परिजनों को हादसे की जानकारी दी। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निर्माण स्थल पर रखा गया गार्डर किस परिस्थिति में असंतुलित हुआ और क्या सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि मामले में सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

हादसे से कांवड़ यात्रियों में शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों में गहरा शोक व्याप्त है। सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। साथ ही निर्माणाधीन परियोजनाओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी संकेत होने चाहिए ताकि श्रद्धालु अनजाने में जोखिम वाले क्षेत्रों में न पहुंचें। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
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