Russia Bombs Ukraine Aid Center : यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के दौरान दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां कमिशुवाखा गांव में रूसी वायुसेना के कथित हवाई हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल और लापता बताए जा रहे हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, जिस स्थान पर हमला हुआ, वहां हर सप्ताह स्थानीय नागरिकों को भोजन और अन्य जरूरी मानवीय सहायता सामग्री वितरित की जाती थी। इस घटना ने युद्ध के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्कूल की इमारत पर गिराए गए नौ गाइडेड बम
यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप है कि रूसी लड़ाकू विमानों ने कमिशुवाखा गांव में स्थित एक स्कूल भवन को निशाना बनाया। इस इमारत का इस्तेमाल मानवीय सहायता केंद्र के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, हमले के दौरान कम से कम नौ गाइडेड एरियल बम यानी KABs/FABs गिराए गए। विस्फोटों से इमारत और आसपास के इलाके में भारी नुकसान हुआ। बताया गया है कि पहली बमबारी के बाद जब लोग जान बचाने के लिए पास के सुरक्षित शेल्टर में पहुंचे, तब वहां भी दूसरा हमला किया गया।

जेलेंस्की ने रूस पर शांति प्रक्रिया बाधित करने का आरोप लगाया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि यह हमला साबित करता है कि रूस तनाव कम करने और वास्तविक शांति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार नहीं है। जेलेंस्की के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई से शांति की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि रूसी सेना को पता होना चाहिए था कि संबंधित स्कूल भवन का इस्तेमाल नागरिकों को नियमित रूप से सहायता पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।

खेरसॉन में संघर्षविराम समाप्त होने के बाद बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में मानवीय सहायता वितरण और नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए लागू सीमित संघर्षविराम समाप्त हो गया। इस अस्थायी व्यवस्था का उद्देश्य संघर्ष प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाना और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना था। संघर्षविराम खत्म होने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे हालात में कमिशुवाखा की घटना ने मानवीय राहत अभियानों के सामने मौजूद खतरे को और उजागर कर दिया है।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी बचाव टीमें
हमले के बाद यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा, पुलिस और सैन्य इकाइयों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मलबे में दबे लोगों को निकालने और घायलों को उपचार के लिए पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, रात के समय इलाके में रूसी ड्रोन की गतिविधियां और संभावित हमलों के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मृतकों में आम नागरिकों के साथ ड्यूटी पर तैनात आपातकालीन सेवा के कर्मचारी और पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।

यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कार्रवाई की मांग की
इस हमले के बाद यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की अपील की है। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि युद्ध के दौरान नागरिकों और मानवीय सहायता केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। वहीं, यूक्रेन पहले से ही अपनी रक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहा है। विशेष रूप से वायु रक्षा मिसाइलों की कमी के कारण रूसी हवाई हमलों को रोकना मुश्किल हो रहा है। आने वाले दिनों में हमलों में तेजी की आशंका ने यूक्रेन की चिंता और बढ़ा दी है।


