Russia Ukraine Attack: रूस ने यूक्रेन पर एक बार फिर जोरदार हवाई हमला किया है, जिसे फरवरी 2022 के बाद का अब तक का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। रूस की सेना ने यूक्रेन के सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण गैस प्लांट को निशाना बनाकर लगभग 35 लंबी दूरी की मिसाइलें और 800 से अधिक ड्रोन दागे। इस हमले ने यूक्रेन के खार्किव और पोल्टावा क्षेत्रों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पहली बार रूस ने कीव में भी सरकारी इमारतों और आवासीय इलाकों पर निशाना साधा, जिससे वहां 11 घंटे तक सायरन बजते रहे और हड़कंप मचा हुआ था।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में लंबी दूरी की 4 बैलिस्टिक और 9 क्रूज मिसाइलें शामिल थीं। इसके साथ ही कुल 810 ड्रोन लॉन्च किए गए, जिनका मुख्य लक्ष्य यूक्रेन की सरकारी ऊर्जा कंपनी थी। ये हमले यूक्रेन की सैन्य क्षमता और नागरिक जीवन दोनों पर बड़ा प्रहार थे। खासकर कीव में सरकारी और आवासीय इलाकों को निशाना बनाकर रूस ने संकेत दिया है कि वह सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहना चाहता।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को घृणित और जानबूझकर किया गया बताया है। उन्होंने कहा कि शांति वार्ता के बीच रूस का यह हमला पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने वैश्विक समुदाय से युद्ध को रोकने और रूस पर दबाव डालने की अपील की है। जेलेंस्की ने कहा, “पूरी दुनिया जंग को रोकना चाहती है, लेकिन रूस शांति वार्ता के प्रयासों को विफल कर रहा है।”
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध 24 फरवरी 2022 से जारी है, और अब तक यह 1317 दिनों का लंबा संघर्ष बन चुका है। रूस नाटो में यूक्रेन के शामिल होने के खिलाफ है, वहीं यूक्रेन की पश्चिमी देशों के साथ बढ़ती नजदीकियां और भू-राजनीतिक विवाद इस जंग के मूल कारण हैं। इस युद्ध ने यूरोप में सुरक्षा संकट पैदा कर दिया है और नाटो देशों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।
रूस ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी देश यूक्रेन का समर्थन करेंगे, वह रूस का दुश्मन माना जाएगा और उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, जो हाल ही में रूस से मुलाकात कर चुके हैं।
यूक्रेन-रूस युद्ध ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित किया है। यूरोप में ऊर्जा संकट, शरणार्थी समस्या, और सैन्य खर्च में वृद्धि इस युद्ध के सीधे नतीजे हैं। कई देश युद्ध को जल्द समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में लगे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
रूस का यह नया हवाई हमला यूक्रेन संकट को और गहरा कर गया है। 35 मिसाइलें और 800 से ज्यादा ड्रोन से किया गया हमला न केवल यूक्रेन की सैन्य शक्ति को कमजोर कर रहा है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गया है। वैश्विक समुदाय को इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त कराने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि यूरोप और विश्व में स्थिरता कायम हो सके।
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