Rahul Gandhi Abroad Trip: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कोलंबिया यात्रा को लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “लगता है राहुल गांधी को अपने देश से मन भर गया है, तभी उन्हें विदेश ज्यादा भाता है।”

मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप ने चुटकी लेते हुए कहा, “शायद बिहार की मिट्टी से उनका मन उचट गया हो, इसलिए फ्रेश होने के लिए विदेश चले गए होंगे। जब वापस लौटेंगे तो चेहरे पर नई ताजगी नजर आएगी।”

राहुल गांधी पर तंज, तेजस्वी को नसीहत
तेज प्रताप ने सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि अपने छोटे भाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सलाह दी कि “छोटे भाई को मर्यादा में रहना चाहिए। कौन राम है और कौन लक्ष्मण, यह समझना जरूरी है। छोटे भाई को बड़े भाई का सम्मान करना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि, “तेजस्वी जो कुछ बोल रहे हैं, वो अपने विवेक से नहीं, बल्कि उनके आसपास मौजूद जयचंदों के कहने पर बोल रहे हैं। मैं उन्हें सलाह दूंगा कि वह अपने विवेक और समझ का इस्तेमाल करें, ताकि पार्टी और परिवार दोनों बचे रहें।”
महागठबंधन में दिख रही दरार?
बिहार में महागठबंधन की राजनीति में कांग्रेस और आरजेडी एक साथ हैं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव अक्सर मंच साझा करते नजर आते हैं। हाल ही में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान तेजस्वी, राहुल गांधी के साथ हर कदम पर दिखे। ऐसे में तेज प्रताप यादव के तीखे बयान ने यह संकेत दे दिया है कि गठबंधन के भीतर और यादव परिवार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा।
2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए तेज प्रताप ने कहा, “तेजस्वी को ये नहीं भूलना चाहिए कि 2020 में क्या हुआ था। यह सबको याद है कि किसने पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे।”
तेजस्वी यादव ने कुछ दिन पहले कहा था कि “भैया (तेज प्रताप) हमेशा पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारते हैं।” इस पर तेज प्रताप का पलटवार अब सियासी बहस को और गहरा करता नजर आ रहा है।
राहुल की विदेश यात्रा बनी सियासी मुद्दा
राहुल गांधी इन दिनों कोलंबिया की यात्रा पर हैं, जहां वे विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। उनकी इस यात्रा को लेकर देश की विपक्षी और सत्तारूढ़ दोनों पार्टियों की ओर से बयानबाजी हो रही है।
तेज प्रताप यादव का बयान हालांकि विपक्ष के ही भीतर से आया है, लेकिन इससे यह साफ होता है कि कांग्रेस और आरजेडी के रिश्तों में अब पहले जैसी मजबूती नहीं रही।
तेज प्रताप यादव के इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर वे राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर अपने ही भाई तेजस्वी को जयचंदों से सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। आने वाले चुनावी माहौल में यह बयान महागठबंधन की भीतरू राजनीति को और उजागर कर सकता है।
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