Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा हालातों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यूक्रेनी सेना सरेंडर के बेहद करीब है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब वॉर रूम से सीधे सेना को निर्देश दे रहे हैं और युद्ध की रणनीति खुद तय कर रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों से रूसी सेना ने यूक्रेन में जो जबरदस्त सैन्य हमला किया है, उससे यूक्रेन की सैन्य शक्ति लगभग पस्त हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी पहली बार सीजफायर और सरेंडर के संकेत दिए हैं, जो इस युद्ध के रुख को पूरी तरह बदल सकता है।

वॉर रूम से पुतिन की निगरानी
रूसी राष्ट्रपति पुतिन खुद युद्ध संचालन केंद्र (War Room) में पहुंच गए हैं। वहां से वो अपने जनरलों को सीधे आदेश दे रहे हैं और पूरी लड़ाई पर नजर रखे हुए हैं। हाल ही में पुतिन ने सैन्य अभ्यास “जपाड” के दौरान सैनिकों से मिलिट्री ड्रेस में मुलाकात की और उनका मनोबल बढ़ाया।
पुतिन ने न केवल रूसी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया, बल्कि आमंत्रित विदेशी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने युद्ध में इस्तेमाल हो रहे अत्याधुनिक हथियारों और सैन्य उपकरणों का निरीक्षण किया।
रूस के हमलों से हिला यूक्रेन
पिछली रात रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ने:
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500 से अधिक ड्रोन
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300 से ज्यादा ग्लाइड बम
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करीब 30 मिसाइलें
एक साथ यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में दागीं। कुल मिलाकर 850 से अधिक प्रक्षेपास्त्रों की बारिश ने यूक्रेन को झकझोर कर रख दिया।
इस व्यापक हमले ने यूक्रेनी सेना की रक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर दिया। कई शहरों में सिलसिलेवार विस्फोट हुए और नागरिक इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।
जेलेंस्की के बदले सुर
रूसी हमलों के सामने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की बैकफुट पर आते दिखाई दिए हैं। उन्होंने अब पुतिन से बिना शर्त मुलाकात की बात कही है, साथ ही सीजफायर पर सहमति का भी संकेत दिया है। यह पहली बार है जब जेलेंस्की ने सरेंडर या सत्ता छोड़ने की संभावना जताई है।विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन की आक्रामक रणनीति और रूस की सैन्य क्षमता के आगे अब यूक्रेन के पास बहुत कम विकल्प बचे हैं।
क्या पुतिन की शर्तों पर होगा युद्ध विराम?
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह युद्ध अब रूस की शर्तों पर खत्म होगा? अगर जेलेंस्की ने वाकई सरेंडर की तरफ कदम बढ़ा दिया है, तो जल्द ही पुतिन के नेतृत्व में युद्ध विराम की घोषणा हो सकती है। रूस-यूक्रेन युद्ध के वर्तमान हालात यह दर्शा रहे हैं कि पुतिन अब निर्णायक भूमिका में आ चुके हैं। वॉर रूम से दिए गए उनके निर्देशों ने युद्ध का संतुलन पूरी तरह बदल दिया है। वहीं, जेलेंस्की के सुर बदलना यह संकेत देता है कि शायद यूक्रेन अब युद्ध की जगह शांति का रास्ता चुनने को मजबूर हो गया है।










