Russia Airstrike Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रविवार (7 सितंबर) को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में मंत्रिपरिषद भवन, रिहायशी इलाकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। हमले में एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत और 18 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।

मंत्रियों के घरों पर सीधा हमला
कीव स्थित कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स की इमारत पर ड्रोन हमले के तुरंत बाद मिसाइलें दागी गईं। चश्मदीदों के मुताबिक, इमारत की छत से धुआं उठता देखा गया और वहां फायर ब्रिगेड की टीमें आग बुझाने में जुटी रहीं। गौरतलब है कि इस इमारत में मंत्रियों के घर और कार्यालय दोनों स्थित हैं। अब तक रूस आमतौर पर ऐसे सरकारी ठिकानों को निशाना नहीं बना रहा था, लेकिन इस हमले ने उसकी रणनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं।

रिहायशी इलाकों में तबाही
रूस के हमलों ने कीव के डार्नित्स्की और स्वियातोशिन्स्की जिलों में भी तबाही मचाई। डार्नित्स्की में एक रिहायशी इमारत की दो मंजिलों में आग लग गई, जबकि स्वियातोशिन्स्की की एक 9 मंजिला बिल्डिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यूक्रेन के अन्य शहरों जैसे क्रेमेनचुक, क्रिवी रिह और ओडेसा में भी रूस ने शहरी ढांचे, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और रिहायशी क्षेत्रों पर हमले किए हैं।
बिजली आपूर्ति बाधित, ब्लास्ट से दहशत
क्रेमेनचुक के मेयर विटाली मालेत्स्की ने बताया कि शहर में दर्जनों विस्फोट हुए, जिससे कई इलाकों की बिजली सप्लाई रुक गई है। वहीं क्रिवी रिह में मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन चीफ ओलेक्सांद्र विल्कुल के अनुसार, रूस ने जानबूझकर ट्रांसपोर्ट और अन्य नागरिक सुविधाओं को टारगेट किया। ओडेसा में भी रिहायशी भवनों को भारी नुकसान पहुंचा है।
पोलैंड की प्रतिक्रिया – हवाई सुरक्षा अलर्ट पर
यूक्रेन पर रूस के इन हमलों के बाद पोलैंड ने भी अपनी हवाई सुरक्षा सक्रिय कर दी है। पोलिश आर्म्ड फोर्सेज ने बयान जारी कर कहा है कि पश्चिमी यूक्रेन से सटी सीमा पर हवाई हमलों का खतरा मंडरा रहा है, इसलिए हमने अपने फाइटर जेट्स तैनात कर दिए हैं। यह कदम नाटो सहयोगियों की चिंता को भी दर्शाता है।
शांति वार्ता की उम्मीदों को झटका
पिछले दो हफ्तों में कीव पर यह दूसरा सबसे बड़ा हमला है। विश्लेषकों का मानना है कि इस हमले के बाद रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं। रूस की ओर से हमलों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन दोनों देश नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार करते हैं। इसके बावजूद अब तक हजारों नागरिक इस जंग की भेंट चढ़ चुके हैं।
रविवार का हमला यूक्रेन पर रूस की बदलती सैन्य रणनीति की ओर संकेत करता है। सरकारी इमारतों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया जाना यह दर्शाता है कि युद्ध अब और भी अधिक आक्रामक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक प्रयासों पर सभी की नजरें होंगी।










