S. Jaishankar BRICS: भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार देर रात न्यूयॉर्क में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की जोरदार मांग उठाई और भारत को स्थायी सदस्यता देने का आह्वान किया।

BRICS देशों को बताया वैश्विक सहयोग की आशा
जयशंकर ने कहा कि “जब दुनिया में सहयोग कमजोर हो रहा है, ऐसे समय में BRICS एक सकारात्मक और प्रभावशाली आवाज बनकर उभरा है।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नियमों, संवाद और कूटनीति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में BRICS देशों को वैश्विक मंच पर शांति और स्थिरता का संदेश और भी स्पष्ट रूप से देना चाहिए।

UNSC में सुधार की उठाई मांग
जयशंकर ने UNSC के मौजूदा ढांचे को “पुराना और अप्रभावी” बताते हुए कहा कि 21वीं सदी की वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाने के लिए इसमें व्यापक सुधार जरूरी है।”भारत जैसे देश को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी ही चाहिए, जो दुनिया की सबसे बड़ी लोकतंत्र और वैश्विक जिम्मेदारियों को निभाने वाला राष्ट्र है।”उन्होंने BRICS देशों से इस सुधार के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की अपील की।
व्यापार और टैरिफ नीति पर जताई चिंता
BRICS बैठक में विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बढ़ते प्रतिबंधों और ऊंचे टैरिफ पर चिंता जताई। उन्होंने कहा “कई देश अपने घरेलू बाजारों को बचाने के नाम पर ऊंचे कर और कठोर नियम लागू कर रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ रहा है। BRICS देशों को मिलकर व्यापारिक व्यवस्था की रक्षा करनी होगी।”बता दें कि अमेरिका ने हाल ही में भारत के कुछ उत्पादों पर 50% तक का टैरिफ लगाया है, जो किसी भी देश पर सबसे अधिक है।
UNGA में भारत की ओर से देंगे भाषण
डॉ. एस. जयशंकर शनिवार रात को भारत की तरफ से संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भाषण देंगे। वह लगातार तीसरी बार UNGA में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।2023 और 2024 की तरह इस बार भी वे आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति और ग्लोबल साउथ (वैश्विक दक्षिण) के मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं।
पीएम मोदी इस बार भी नहीं होंगे शामिल
इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UNGA की आम बहस में हिस्सा नहीं लेंगे। पिछले दस वर्षों में यह तीसरा अवसर है जब मोदी UNGA में भाषण नहीं दे रहे हैं। इससे पहले वे 2016 और 2018 में भी शामिल नहीं हुए थे।संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी सूची में पहले पीएम मोदी का नाम था, लेकिन अब यह स्पष्ट हो चुका है कि भारत का प्रतिनिधित्व एस. जयशंकर करेंगे।










