Tamilnadu Vijay Rally Stampede : तमिलनाडु के करूर में एक्टर से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) की रैली में शनिवार शाम को बड़ा हादसा हो गया। रैली के दौरान भगदड़ मचने से 36 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 8 बच्चे और 16 महिलाएं शामिल हैं। 58 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।



कैसे हुआ हादसा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैली के दौरान 9 साल की एक बच्ची के गुम हो जाने की खबर से मंच पर मौजूद विजय ने पुलिस और अपनी टीम से उसकी तलाश करने की अपील की। इसी दौरान भीड़ में हलचल मच गई और भगदड़ जैसे हालात बन गए।भीड़ इतनी अधिक थी कि कई लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे दम घुटने और दबने से कई लोगों की मौत हो गई। कई लोग बेहोश हो गए और अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख विजय ने अपना भाषण बीच में रोक दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हालात काबू से बाहर हो चुके थे।

अनुमान से कहीं ज्यादा भीड़
TVK रैली के लिए प्रशासन ने 10 हजार लोगों की अनुमति दी थी। आयोजकों को लगभग 50 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद थी, लेकिन करीब 1.2 लाख लोग रैली में पहुंच गए। इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंचने से सुरक्षा और व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

सरकार की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि वह रात में ही करूर जाकर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और स्थिति का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा और घायलों को 1 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
सीएम स्टालिन ने स्वास्थ्य मंत्री एमए सुब्रमणियन और विद्यालय शिक्षा मंत्री को तुरंत करूर भेजा। इसके अलावा तिरुचिरापल्ली, सलेम और डिंडीगुल के कलेक्टरों को मेडिकल टीमें लेकर मदद के लिए भेजा गया है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उन्हें हर संभव इलाज मुहैया कराया जा रहा है।

विजय की प्रतिक्रिया
अभिनेता विजय इस हादसे से बेहद आहत हैं। उन्होंने मंच पर ही घटना की गंभीरता को समझते हुए भाषण बीच में छोड़ दिया और तुरंत घटनास्थल से निकल गए। पार्टी की ओर से हादसे को लेकर शोक व्यक्त किया गया है और घायलों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।करूर की यह घटना तमिलनाडु में राजनीतिक रैलियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े करती है। जरूरत है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।










