Saharanpur Blast : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शुक्रवार को एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह हादसा गंगोह थाना क्षेत्र के कुंडा बसी गांव स्थित एक फैक्ट्री में हुआ, जहां बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई तथा लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

दो लोगों की मौत की पुष्टि, कई के फंसे होने की आशंका
प्रशासन ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दो लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री के मलबे में अभी भी कई मजदूर फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो पाएगी।

कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए
हादसे में फैक्ट्री में काम कर रहे कई मजदूर विस्फोट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर
घटना के बाद मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट बेहद शक्तिशाली था, जिसके कारण फैक्ट्री के आसपास का दृश्य अत्यंत भयावह हो गया। धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर के बाहर मानव अंग और मलबा दूर-दूर तक बिखरा दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त परिसर और बचाव कार्य दिखाई दे रहा है। हालांकि, इन वीडियो में मौजूद अत्यंत संवेदनशील और विचलित करने वाले दृश्यों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दमकल और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया, जबकि पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहा है और राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।
विस्फोट के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोट किस वजह से हुआ। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विशेषज्ञों की टीम फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों तथा विस्फोट के संभावित कारणों की जांच करेगी। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारियों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
सहारनपुर में पटाखा फैक्ट्रियों में विस्फोट की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले पिछले वर्ष अप्रैल में देवबंद क्षेत्र की एक पटाखा फैक्ट्री में भी भीषण धमाका हुआ था। उस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई थी और पूरी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई थी। उस घटना के बाद भी सुरक्षा मानकों और लाइसेंस व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे।
सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
ताजा हादसे के बाद एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विस्फोटक सामग्री से जुड़े उद्योगों में नियमित निरीक्षण, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन बेहद आवश्यक है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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