Sukma Mining Row: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की ग्राम पंचायत चिमलीपेंटा के अंतर्गत आने वाले तुमलपाड़ गांव में कथित अवैध खनन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर अब राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। गुरुवार को बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीश कवासी ग्रामीणों से मुलाकात करने तुमलपाड़ पहुंचे। दोनों नेताओं ने गांव में लोगों के साथ बैठक कर उनकी शिकायतें सुनीं और खनन कार्य से जुड़े आरोपों की जानकारी ली। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने नेताओं के सामने रखीं अपनी शिकायतें
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और उन्होंने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के सामने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन शुरू करने से पहले कंपनी ने कई बड़े वादे किए थे। इनमें प्रत्येक परिवार को हर वर्ष 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने, स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, परिवहन के लिए ऑटो देने तथा गांव में स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास करने का आश्वासन शामिल था। ग्रामीणों का कहना है कि खनन शुरू होने के बाद अब तक इन वादों में से कोई भी पूरा नहीं किया गया है।

ग्रामसभा के बिना खनन शुरू करने का आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने खनन कार्य शुरू करने से पहले ग्रामसभा आयोजित नहीं की और न ही गांव के लोगों की सहमति ली। उनका कहना है कि पंचायत और ग्रामीणों की मंजूरी के बिना ही उत्खनन कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी विकास कार्य या खनन परियोजना से पहले स्थानीय लोगों की राय लेना आवश्यक है, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
सरपंच ने लगाए अधिकारियों पर दबाव के आरोप
ग्राम पंचायत चिमलीपेंटा के सरपंच इरपा किस्टैया ने भी पूरे मामले पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पंचायत का प्रस्ताव अधिकारियों के दबाव में पारित कराया गया था। उनके अनुसार गांव में विधिवत ग्रामसभा नहीं हुई और फरवरी महीने में कंपनी द्वारा रोजगार तथा विकास से जुड़े जो वादे किए गए थे, वे भी आज तक पूरे नहीं हुए। सरपंच ने प्रशासन से मांग की कि खनन कार्य तत्काल रोका जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीश कवासी ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस क्षेत्र में आज भी स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं का अभाव है, वहां लोगों की जरूरतों को पूरा करने के बजाय सड़क निर्माण और विकास के नाम पर खनन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले स्थानीय लोगों की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।

विधायक विक्रम मंडावी ने दी आंदोलन की चेतावनी
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि कांग्रेस विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह कानून और नियमों के अनुसार विकास की पक्षधर है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना आवश्यक अनुमति और जरूरी दस्तावेजों के खनन कार्य किया जा रहा है, जबकि ग्रामीण लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। मंडावी ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप कर अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई और ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस स्थानीय लोगों के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की आड़ में प्राकृतिक संसाधनों के कथित अवैध दोहन को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
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