Sakti Murder Case : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में दिनदहाड़े पूर्णिमा चौहान नामक युवती की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। घटना के पांच दिन बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य साजिशकर्ता प्रेमी, उसकी पत्नी समेत कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह वारदात 26 जून 2026 को जोंगरा क्षेत्र में हुई थी, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया था। जांच में सामने आया है कि यह कोई मामूली वारदात नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे प्रेमी ने अपनी पत्नी की सहमति और मदद से अंजाम दिया था।

प्रेम संबंध का अंत: पत्नी के साथ मिलकर रची हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी का पूर्णिमा चौहान के साथ प्रेम संबंध था, जिससे वह पीछा छुड़ाना चाहता था। आरोपी की पत्नी को भी इस संबंध के बारे में जानकारी थी, लेकिन उसने विरोध करने के बजाय अपने पति का साथ दिया और हत्या की साजिश में शामिल हो गई। दोनों ने मिलकर पूर्णिमा को रास्ते से हटाने के लिए बाहर से सुपारी किलर्स को बुलाने का फैसला किया। इस घिनौनी साजिश को सफल बनाने के लिए झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अपराधियों से संपर्क किया गया और हत्या के लिए चार लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी।

घर में घुसकर मारी तीन गोलियां, दहला दिया इलाका
26 जून की सुबह करीब 11:30 बजे दो नकाबपोश युवक पूर्णिमा के घर पहुंचे और बहाने से उसे बाहर बुलाया। आरोपियों ने पहले उसके भाई से पूर्णिमा के बारे में पूछा और फिर युवती के बाहर आने पर खुद को आयुर्वेदिक दवा लेने वाला बताकर बातचीत में उलझा लिया। इसी बीच एक आरोपी ने अचानक देसी पिस्टल निकाली और पूर्णिमा पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं। माथे और शरीर के अन्य हिस्सों में गोली लगने से पूर्णिमा गंभीर रूप से घायल हो गई और अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दिनदहाड़े घर में घुसकर हुई इस वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।
तकनीक और साक्ष्यों के जाल में फंसे आरोपी
घटना के बाद से ही सक्ती पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सबूतों, मोबाइल कॉल डिटेल्स और संदिग्ध संपर्कों की गहन पड़ताल की। पांच दिनों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आखिरकार साजिश के उस जाल तक पहुंच गई, जिसे आरोपी पति-पत्नी ने बुना था। पुलिस ने छापेमारी कर सभी नौ आरोपियों को धर दबोचा। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां से आए और इनका नेटवर्क कितना फैला हुआ है, इसका पूरा ब्योरा मिल सके।
अवैध हथियारों की तस्करी पर खड़े हुए गंभीर सवाल
सक्ती क्षेत्र में दो महीने के भीतर गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना है। इस हत्याकांड के खुलासे ने स्थानीय स्तर पर अवैध हथियारों की उपलब्धता और अपराधियों के नेटवर्क पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि क्या इन अपराधियों का कोई बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पुलिस अदालत में ठोस सबूत पेश करने की तैयारी कर रही है ताकि अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके।
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