Bihar New CM
Bihar New CM: बिहार की सियासत ने आज एक ऐतिहासिक करवट ली है। भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी अब बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। बुधवार सुबह 11 बजे राजधानी पटना के लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सम्राट चौधरी ने ईश्वर के नाम पर शपथ लेकर राज्य की कमान संभाली। इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में पिछले दो दशकों से चला आ रहा सत्ता का पुराना समीकरण पूरी तरह बदल गया है। समारोह में सत्ता पक्ष के तमाम दिग्गज नेताओं के साथ-साथ कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई सरकार में सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दो वरिष्ठ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जेडीयू के कद्दावर नेता विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने भी राजभवन में शपथ ली। इन दोनों ही नेताओं को बिहार का उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया गया है। हालांकि, अभी पूर्ण मंत्रिमंडल का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में विभागों का बंटवारा कर दिया जाएगा। नीतीश कुमार भी इस पूरे कार्यक्रम के दौरान अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहे, जो गठबंधन की नई मजबूती का संकेत दे रहा है।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले सम्राट चौधरी पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। सुबह तड़के वे पटना के प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने राज्य की सुख-शांति और अपनी नई पारी की सफलता के लिए बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही सम्राट चौधरी की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई थी और उनके आवास के बाहर समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा था। ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ कार्यकर्ताओं ने अपने नए नेता का स्वागत किया।
बिहार में यह बड़ा सत्ता परिवर्तन सोमवार को नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद शुरू हुआ। नीतीश कुमार, जो पिछले 20 वर्षों से बिहार की राजनीति के केंद्र रहे और मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली, अब एक नई भूमिका में नजर आएंगे। वे अब राज्यसभा सदस्य के रूप में देश की राजनीति में सक्रिय रहेंगे। उनके इस्तीफे के बाद एनडीए गठबंधन ने सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना। नीतीश कुमार का सक्रिय मुख्यमंत्री पद से हटना बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक बड़े अध्याय का समापन माना जा रहा है।
सम्राट चौधरी के सामने अब बिहार के विकास की गति को बनाए रखने और गठबंधन के साथियों को साथ लेकर चलने की बड़ी चुनौती है। नई सरकार के गठन के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंत्रिमंडल में किन चेहरों को जगह मिलती है और जातिगत समीकरणों को कैसे साधा जाता है। सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में साफ किया कि उनकी प्राथमिकता सुशासन और बिहार के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। राज्य में इस बदलाव को लेकर जनता के बीच भी काफी चर्चा है, क्योंकि करीब दो दशक बाद बिहार को एक नया चेहरा मुख्यमंत्री के रूप में मिला है।
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