SDM vs MLA
SDM vs MLA : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से प्रशासनिक और राजनीतिक टकराव की एक बड़ी खबर सामने आई है। सामरी विधानसभा क्षेत्र की विधायक उद्धेश्वरी पैकरा और राजपुर एसडीएम देवेंद्र प्रधान के बीच शिष्टाचार और प्रोटोकॉल को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि विधायक ने सीधे कलेक्टर को फोन कर अधिकारी को 24 घंटे के भीतर हटाने की चेतावनी दे दी है। यह घटनाक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ एक जनप्रतिनिधि ने खुले मंच से अफसरशाही के हावी होने का आरोप लगाया है।
विवाद की शुरुआत गुरुवार दोपहर को राजपुर में हुई। विधायक उद्धेश्वरी पैकरा शासकीय महाविद्यालय राजपुर के एप्रोच रोड और नाली निर्माण कार्य के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंची थीं। नियमानुसार और प्रोटोकॉल के तहत ऐसे सरकारी कार्यक्रमों में एसडीएम और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह रही कि कार्यक्रम स्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर एसडीएम और तहसील कार्यालय होने के बावजूद, एसडीएम देवेंद्र प्रधान या कोई भी अन्य राजस्व अधिकारी वहां नहीं पहुँचा।
अधिकारियों की इस बेरुखी को विधायक ने अपना और जनता का अपमान माना। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान मंच से ही अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन में अफसरशाही इस कदर हावी हो गई है कि वे जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए होने वाले कार्यक्रमों में अधिकारियों का न आना शासन की मंशा के विपरीत है।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब विधायक वापस लौट रही थीं, तब स्थानीय लोगों ने उन्हें रोककर सीमांकन और जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसी राजस्व समस्याओं के लंबित होने की शिकायत की। इसके बाद विधायक स्वयं तहसील कार्यालय पहुँचीं ताकि अधिकारियों से जवाब मांगा जा सके। जब उन्होंने एसडीएम देवेंद्र प्रधान से कार्यक्रम में न आने का कारण पूछा, तो कथित तौर पर एसडीएम ने तल्ख लहजे में कहा, “मैं आपके कार्यक्रम में आऊं या न आऊं, यह मेरी मर्जी है।” इस जवाब ने आग में घी का काम किया और विधायक व अधिकारी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
इस घटना से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने तहसील कार्यालय के बाहर ‘एसडीएम हटाओ, राजपुर बचाओ’ के नारे लगाए। विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने तत्काल बलरामपुर कलेक्टर को फोन लगाया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कलेक्टर से स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे अहंकारी अधिकारी की राजपुर में जरूरत नहीं है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि यदि 24 घंटे के भीतर एसडीएम देवेंद्र प्रधान का स्थानांतरण नहीं किया गया, तो वे अपने कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगी।
इस दौरान विधायक के साथ जनपद अध्यक्ष विनय भगत, उपाध्यक्ष आकाश अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष धरम सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में एसडीएम के व्यवहार की निंदा की और उन पर आम जनता के कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। अब प्रशासन के पाले में गेंद है कि वह इस राजनीतिक गतिरोध को कैसे सुलझाता है।
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