Rahul Gandhi Parliament
Rahul Gandhi Parliament : संसद के बजट सत्र में सोमवार का दिन राजनीतिक गहमागहमी और तीखी नोकझोंक के नाम रहा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठाकर सदन का तापमान बढ़ा दिया। उनके बयानों पर सत्ता पक्ष, विशेषकर गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने भारतीय सेना के पूर्व अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक आगामी मैगजीन/संस्मरण का उल्लेख किया। उन्होंने सदन में दावा किया कि चीनी सेना भारतीय सीमा के भीतर घुसपैठ कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि उनके पास प्रामाणिक स्रोत हैं जो यह दर्शाते हैं कि चीनी सेना के टैंक कैलाश रिज की ओर बढ़ रहे थे और भारतीय क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। उन्होंने पूर्व जनरल के अप्रकाशित संस्मरणों के उद्धरणों (Quotes) को आधार बनाकर सरकार की घेराबंदी करने की कोशिश की।
राहुल गांधी ने सदन को संबोधित करते हुए विस्तार से बताया कि चीन के चार टैंक भारतीय सीमा के बेहद करीब आ गए थे और चीनी सैनिक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कैलाश रिज पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सीमा की वास्तविक स्थिति को लेकर स्पष्टता नहीं बरत रही है। राहुल गांधी के इन दावों के बाद सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया और सत्ता पक्ष के सांसदों ने इसे सेना का मनोबल गिराने वाला बयान बताया।
राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हुए। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा एक अप्रकाशित सामग्री को सदन के पटल पर उद्धृत करने को संसदीय नियमों के विरुद्ध बताया। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि विपक्ष के नेता सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि राहुल गांधी के पास कोई ठोस आधार है, तो वे उस पुस्तक या दस्तावेज को सदन के सामने प्रस्तुत करें जिसका वे हवाला दे रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि बिना किसी आधिकारिक प्रामाणिकता के इस प्रकार के संवेदनशील बयान देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “जिस पुस्तक का उल्लेख किया जा रहा है, वह अभी तक प्रकाशित ही नहीं हुई है, ऐसे में उसके हवाले से देश की सुरक्षा पर सवाल उठाना अनुचित है।” राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि सीमा पर भारतीय सेना पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी प्रकार की घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं किया गया है।
बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि सदन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए बिना किसी ठोस सबूत या प्रामाणिकता के ऐसी गंभीर बातें नहीं कही जानी चाहिए। शाह ने विपक्ष के नेता को नसीहत दी कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बात करते समय जिम्मेदारी और तथ्यों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने राहुल गांधी से उनके दावों की सत्यता साबित करने की मांग की।
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