Sanjay Raut On Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर महीने में मणिपुर का दौरा कर सकते हैं। मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद यह उनका पहला मणिपुर दौरा होगा। हालांकि इस दौरे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। खासकर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने पीएम मोदी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब मणिपुर में हिंसा चल रही थी, तब पीएम मोदी ने वहां जाने की हिम्मत नहीं दिखाई, अब जब उनका कार्यकाल खत्म होने वाला है तो वहां पर्यटन करने जा रहे हैं।

संजय राउत का पीएम मोदी पर निशाना
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, “प्रधानमंत्री हैं तो क्या बड़ी बात है? दो-तीन साल बाद मणिपुर जाना ठीक नहीं। जब मणिपुर जल रहा था, हिंसा हो रही थी तब पीएम मोदी ने वहां जाने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई?” उन्होंने यह भी कहा कि मोदी जी का प्रधानमंत्री पद से जाना तय है, इसलिए अब वे मणिपुर जाकर ‘पर्यटन’ करने जा रहे हैं।

विपक्ष का भी मोदी सरकार पर हमला
मणिपुर में हिंसा के दौरान विपक्ष ने भी पीएम मोदी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री के पास मणिपुर जाकर हालात का जायजा लेने का समय नहीं था। इस मुद्दे ने संसद में भी गर्मागर्मी बढ़ाई थी। विपक्ष की नाराजगी को देखते हुए मोदी के मणिपुर दौरे को बड़ी सियासी अहमियत दी जा रही है।
13 सितंबर को मणिपुर पहुंचेंगे पीएम मोदी
मणिपुर के आइजोल में अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी मिजोरम का दौरा करने के बाद 13 सितंबर को मणिपुर पहुंचेंगे। यहां वे रेलवे की एक महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन करेंगे। हालांकि, इस दौरे की अभी तक नई दिल्ली या इंफाल से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बीजेपी की मणिपुर इकाई ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में सुरक्षा कड़ी
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर मणिपुर के चुराचांदपुर जिले को ‘ड्रोन निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी धरुण कुमार एस ने यह आदेश वीवीआईपी सुरक्षा को लेकर जारी किया है। चुराचांदपुर कुकी समुदाय का मुख्य गढ़ माना जाता है और यह मिजोरम की सीमा से सटा हुआ है।
मई 2023 की जातीय हिंसा का पृष्ठभूमि
मई 2023 में मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच हिंसक झड़पें भड़की थीं। इस संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग विस्थापित हुए। हिंसा के बाद से मणिपुर की सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। इस विवादित पृष्ठभूमि में पीएम मोदी का यह दौरा राज्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मणिपुर दौरा राज्य में जारी तनाव के बीच सियासी नजरों से भी महत्वपूर्ण है। विपक्ष और शिवसेना (यूबीटी) के हमले से साफ है कि इस दौरे को लेकर राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं सुरक्षा कड़े प्रबंध और ड्रोन निषेध क्षेत्र का एलान भी इस यात्रा की गंभीरता को दर्शाता है। यह दौरा मणिपुर के लिए शांति स्थापना और पुनर्निर्माण में एक नई उम्मीद लेकर आ सकता है।
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