Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड के माध्यम से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध जैसे तनावपूर्ण हालातों के मद्देनजर नागरिकों द्वारा दिखाई गई परिपक्वता और समर्थन के लिए उनका दिल से आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने राष्ट्र-निर्माण में जन-भागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि जब देश का हर नागरिक जिम्मेदारी समझता है, तो कठिन से कठिन चुनौतियां भी आसान हो जाती हैं। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि किस तरह लोगों ने उनकी अपीलों का न केवल समर्थन किया, बल्कि अपने दैनिक जीवन में इसे सक्रिय रूप से अपनाया भी है।

ईंधन बचत और विदेश यात्राओं पर रोक की सफल अपील
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्थिति को देखते हुए उन्होंने नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने, कम से कम विदेश यात्राएं करने और कारपूलिंग जैसे विकल्पों को अपनाने का आग्रह किया था। पीएम ने कहा कि उन्हें यह जानकर बहुत खुशी हुई कि कई परिवारों ने सोशल मीडिया पर खुद ही अपनी प्रस्तावित विदेश यात्राओं को टालने और शादियों में अनावश्यक सोना खरीदने को स्थगित करने की जानकारी साझा की है। ये छोटी-छोटी पहलें देश की अर्थव्यवस्था और संसाधनों के संरक्षण में बड़ी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने उन सभी नागरिकों का धन्यवाद किया जिन्होंने सोना खरीदने से बचने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के उनके संदेश को आत्मसात किया।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते नए कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने 2026 के शुरुआती छह महीनों का लेखा-जोखा पेश करते हुए ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत हासिल की गई बड़ी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एयरोस्पेस क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का विशेष उल्लेख किया। पीएम ने बताया कि जून के महीने में एविएशन सेक्टर को एक बड़ी कामयाबी मिली, जब देश में C-295 एयरक्राफ्ट का निर्माण कार्य विधिवत शुरू हुआ। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारत में ऐसे 40 एयरक्राफ्ट का निर्माण किया जा रहा है, जो देश की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को विश्व स्तर पर एक नई पहचान दिलाएंगे। यह पहल न केवल तकनीकी उन्नति का प्रतीक है, बल्कि इससे देश के MSME सेक्टर को भी अभूतपूर्व मजबूती मिल रही है।
प्राकृतिक खेती और संसाधनों के संरक्षण पर जोर
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने नागरिकों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और खाना पकाने के तेल का इस्तेमाल सीमित करने जैसी जीवनशैली में बदलाव लाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक का यह सक्रिय सहयोग ही भारत को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है। आत्मनिर्भरता का मंत्र अब एक जन-आंदोलन बन चुका है, जहां लोग देशहित में अपने व्यक्तिगत निर्णयों में बदलाव ला रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यदि इसी प्रकार का जन-समर्थन मिलता रहा, तो भारत विश्व पटल पर एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में और भी मजबूती से उभरेगा। उन्होंने अंत में सभी देशवासियों से इसी उत्साह के साथ देश के विकास में अपना योगदान देते रहने का आग्रह किया।
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