Sarfaraz Khan : भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज सरफराज खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद भारतीय टीम में नियमित मौका नहीं मिलने को लेकर उन्होंने अपनी बात खुलकर रखी है। टीम इंडिया से लगातार नजरअंदाज किए जाने के बीच सरफराज ने संकेत दिया है कि टीम प्रबंधन फिलहाल उन्हें भारतीय परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए ज्यादा उपयुक्त मान रहा है। रेलवे के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में तूफानी शतक लगाने के बाद उनका यह बयान सामने आया है।
मुंबई की ओर से खेलते हुए सरफराज ने रेलवे के खिलाफ महज 55 गेंदों में शतक पूरा किया। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने एक बार फिर उनकी प्रतिभा और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता को सामने रखा। मुकाबले के पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में भारतीय टीम के चयन और विदेशी दौरों पर अवसर नहीं मिलने से जुड़े सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

टीम प्रबंधन की सोच को लेकर क्या बोले सरफराज खान?
सरफराज खान ने कहा कि जब वह भारतीय टीम के साथ थे, तब उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि टीम प्रबंधन उन्हें मुख्य रूप से भारतीय परिस्थितियों में खेलने के लिए देख रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी चयनकर्ता ने उनसे व्यक्तिगत रूप से कभी ऐसी बात नहीं कही है।

उनके इस बयान से यह सवाल फिर चर्चा में आ गया है कि घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने वाले बल्लेबाज को विदेशी परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित करने का पर्याप्त अवसर क्यों नहीं मिल रहा है। सरफराज ने किसी चयनकर्ता या टीम प्रबंधन पर सीधा आरोप लगाने के बजाय इसे उनके नजरिए और फैसले से जुड़ा मामला बताया।
फरवरी 2024 में हुआ था टेस्ट डेब्यू
सरफराज खान ने फरवरी 2024 में भारतीय टेस्ट टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। डेब्यू के बाद से उन्होंने अब तक कुल छह टेस्ट मुकाबले खेले हैं और खास बात यह है कि उनके करियर के सभी टेस्ट मैच भारतीय मैदानों पर ही हुए हैं।

उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला वर्ष 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला था। इसके बाद से उन्हें टेस्ट टीम में नियमित रूप से खेलने का अवसर नहीं मिला। हाल ही में श्रीलंका दौरे के दौरान चोटिल साई सुदर्शन की जगह उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया था, लेकिन टीम में जगह मिलने के बावजूद अंतिम एकादश में खेलने का मौका नहीं मिला।
दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में भी बना चुके हैं शतक
विदेशी परिस्थितियों में खेलने की अपनी क्षमता को लेकर सरफराज ने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में किए गए प्रदर्शन का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारत ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने भारतीय टीम के खिलाफ अभ्यास मैच में केवल 63 गेंदों में शतक लगाया था।
इसके अलावा इंग्लैंड में भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया था। वहां खेले गए अभ्यास मुकाबले में सरफराज ने महज 76 गेंदों पर 101 रन की शानदार पारी खेली थी। उनका कहना है कि इन पारियों से यह साबित होता है कि वह भारत के बाहर भी रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
चयनकर्ताओं के फैसले पर क्या है सरफराज का रुख?
सरफराज ने कहा कि ऐसा नहीं है कि उन्होंने विदेशी जमीन पर रन नहीं बनाए हैं। उन्होंने वहां भी अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, भारतीय टीम में चयन करना पूरी तरह चयनकर्ताओं का अधिकार है और उनके फैसले का सम्मान करना उनका काम है।उन्होंने साफ किया कि उनका मुख्य लक्ष्य क्रिकेट खेलना और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है। रेलवे के खिलाफ 55 गेंदों में शतक लगाने के बाद अब उनकी नजर घरेलू क्रिकेट में इसी लय को बरकरार रखने पर होगी।सरफराज के बयान ने भारतीय टेस्ट टीम में चयन, विदेशी दौरों पर अवसर और घरेलू प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को मिलने वाले मौकों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।


