Satya Niketan Tragedy : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में लड़कों के PG की बहुमंजिला इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए गए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के छात्रों की बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में सुरक्षा और छात्र आवासों की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
CJP ने सरकार के सामने रखीं सात मांगें
हादसे के एक दिन बाद सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने सरकार के सामने सात सूत्रीय मांगों की सूची जारी की। संगठन ने घटना की व्यापक जांच के साथ दिल्ली में छात्र आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। CJP का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए केवल एक भवन मालिक पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी।
PG माफिया और मिलीभगत की जांच की मांग
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार से PG मालिकों, राजनेताओं और अन्य संबंधित लोगों के बीच कथित मिलीभगत की स्वतंत्र आपराधिक जांच कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि दिल्ली में सक्रिय बड़े PG नेटवर्क की भी जांच होनी चाहिए, ताकि अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके।
सभी छात्र आवासों का स्ट्रक्चरल ऑडिट हो
संगठन ने स्कूल, कॉलेज और छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों का इंजीनियरिंग-ग्रेड स्ट्रक्चरल ऑडिट तय समय सीमा के भीतर कराने की मांग की है। CJP ने छात्रों के पुनर्वास के साथ-साथ भवन नियमों को सख्ती से लागू करने की बात कही। अवैध निर्माण वाली इमारतों को सील करने और जिम्मेदार मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी इसमें शामिल है।
सुरक्षित PG की जानकारी के लिए बने डेटाबेस
CJP ने छात्र आवासों से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक करने के लिए एक पब्लिक सर्चेबल डेटाबेस बनाने की मांग की है। संगठन के मुताबिक, इससे छात्रों और उनके परिवारों को यह पता चल सकेगा कि जिस PG या छात्र आवास में वे रह रहे हैं, वह प्रशासन से मंजूर है या नहीं और उसकी सुरक्षा जांच पूरी हुई है या नहीं।
DU छात्रों के लिए सरकारी हॉस्टल की मांग
CJP ने दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए पर्याप्त संख्या में सरकारी हॉस्टल बनाने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि सुरक्षित और किफायती छात्र आवासों की कमी के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी निजी PG में रहने को मजबूर होते हैं। ऐसे में सरकारी हॉस्टल की संख्या बढ़ाना जरूरी है।
मृतकों और घायलों के लिए मुआवजा
सौरव दास ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये तक मुआवजा देने की मांग की है। वहीं घायलों के लिए 20 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की अपील की गई है। CJP ने सरकार से पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत और उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
13 जिला कमेटियों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
CJP ने 3 जून 2026 को मालवीय नगर के एक होटल में हुई आग की घटना के बाद गठित 13 जिला कमेटियों का भी मुद्दा उठाया। इन कमेटियों को इमारतों की पहचान, ऑडिट, नियमों का पालन कराने और जरूरत पड़ने पर सीलिंग जैसी कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई थी। संगठन ने इन कमेटियों के रिकॉर्ड, कार्रवाई रिपोर्ट और सत्य निकेतन सर्वे रिपोर्ट को 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक करने की मांग की है।
मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की मांग
CJP ने दिल्ली सरकार के मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई है। सौरव दास ने सवाल किया कि शहरी विकास, प्लानिंग और शिक्षा से जुड़े मंत्री आशीष सूद के कार्यकाल में 13 जिला कमेटियों का काम क्यों बंद हुआ। संगठन ने कमेटियों के कामकाज में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD को दिए जांच के निर्देश
मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को MCD को घटना की उच्चतम कार्यकारी स्तर पर जांच करने का निर्देश दिया। अदालत ने हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी केवल PG मालिक तक सीमित नहीं मानी जा सकती। कोर्ट ने विश्वविद्यालय अधिकारियों और MCD की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया।
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