SCO Summit: उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर सकते हैं। उनकी यात्रा को भारत की मध्य एशिया नीति और क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिश्केक एयरपोर्ट पर हुआ पीएम मोदी का भव्य स्वागत
बिश्केक पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का किर्गिस्तान के बिश्केक हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत किया गया। किर्गिस्तानी मंत्रिमंडल के अध्यक्ष अदिलबेक कासिमालियेव ने उनकी अगवानी की। इस अवसर पर पीएम मोदी के स्वागत में पारंपरिक किर्गिस्तानी नृत्य की विशेष प्रस्तुति भी दी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए प्रधानमंत्री के किर्गिस्तान पहुंचने की जानकारी साझा की।
होटल पहुंचते ही ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंजा माहौल
प्रधानमंत्री मोदी जब बिश्केक स्थित होटल पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ के नारों के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने देशभक्ति गीत ‘मां तुझे सलाम’ की धुन पर योग की प्रस्तुति भी देखी। उनके स्वागत के लिए भगवान शिव की थीम पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पीएम मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर SCO सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं।
31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित हो रहा SCO सम्मेलन
बिश्केक में SCO का शिखर सम्मेलन 31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। बैठक में सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, संपर्क और साझा चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत इस मंच के जरिए आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने पर भी अपना पक्ष रख सकता है।
पुतिन समेत कई राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की संभावना
SCO सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी की कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें होने की संभावना है। इनमें किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संभावित मुलाकात को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।
आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ सहयोग पर जोर
किर्गिस्तान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को अपने बयान में कहा था कि भारत की क्षेत्रीय सोच सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित है। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त क्षेत्र बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग को मजबूत करना क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
SCO के गठन के 25 साल हुए पूरे
शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना वर्ष 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर की थी। भारत और पाकिस्तान वर्ष 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद ईरान को 2023 में और बेलारूस को 2024 में पूर्ण सदस्यता मिली। वर्तमान में SCO में कुल 10 सदस्य देश हैं। संगठन के साथ 15 साझेदार और दो पर्यवेक्षक देश भी जुड़े हुए हैं। इस वर्ष SCO अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है।
विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी किर्गिस्तान यात्रा के दौरान छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा है कि यह दौरा मध्य एशिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर देगा। साथ ही इससे दोनों क्षेत्रों के बीच पुराने सभ्यतागत संबंधों को गहरा करने में मदद मिलेगी।
उज्बेकिस्तान में रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति
किर्गिस्तान पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय उज्बेकिस्तान दौरे पर थे। वहां भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने का फैसला किया। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। अब किर्गिस्तान यात्रा के दौरान भारत की मध्य एशिया नीति को आगे बढ़ाने पर प्रधानमंत्री का फोकस रहेगा।
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