Ambikapur Accident: अंबिकापुर में रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में श्रद्धालुओं से भरी स्कॉर्पियो खड़े ट्रक से टकरा गई। यह दुर्घटना अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर सोनवाही जंगल के पास हुई। वाहन में सवार लोग सूरजपुर जिले के प्रसिद्ध खोपा धाम में दर्शन और पूजा-पाठ करने के बाद अपने गांव लौट रहे थे। हादसे में वाहन में सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
सोनवाही जंगल के पास खड़ा था ट्रक
जानकारी के अनुसार, सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम लिचिरमा से करीब आधा दर्जन महिला और पुरुष रविवार को स्कॉर्पियो में सवार होकर खोपा धाम गए थे। धार्मिक स्थल पर पूजा-अर्चना और दर्शन करने के बाद सभी लोग वापस अपने गांव की ओर रवाना हुए। शाम होते-होते जब वाहन अंबिकापुर के नजदीक सोनवाही जंगल के पास पहुंचा, तभी यह भीषण हादसा हो गया।
बारिश और अंधेरे में चालक को नहीं दिखा ट्रक
बताया जा रहा है कि दुर्घटना रविवार शाम करीब सात बजे हुई। उस समय क्षेत्र में बारिश हो रही थी और अंधेरा भी काफी बढ़ चुका था। सड़क पर एक ट्रक खड़ा था, लेकिन उसके पीछे कोई पर्याप्त संकेतक या इंडिकेटर नहीं लगा हुआ था। बारिश और कम रोशनी के कारण स्कॉर्पियो चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक समय रहते दिखाई नहीं दिया। इसके बाद वाहन सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराया।
टक्कर इतनी तेज थी कि मची चीख-पुकार
स्कॉर्पियो और ट्रक के बीच टक्कर काफी जोरदार थी। हादसे के बाद वाहन में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव का काम शुरू किया।
ड्राइवर के बगल में बैठे श्याम सुंदर की मौत
इस हादसे में ग्राम रतनपुर, सीतापुर निवासी 56 वर्षीय श्याम सुंदर, पिता स्वर्गीय रतिराम, की मौत हो गई। बताया गया कि वह स्कॉर्पियो में चालक के बगल वाली सीट पर बैठे थे। जोरदार टक्कर में उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। श्याम सुंदर की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम पसर गया।
पांच लोग घायल, तीन महिलाएं भी शामिल
दुर्घटना में स्कॉर्पियो में सवार सुभाष, मंजू, राजकुमारी, राजकुमार और सुशीला घायल हुए हैं। घायलों में तीन महिलाएं शामिल बताई गई हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में सभी घायलों का उपचार जारी है।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतक और घायलों के परिजन भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। सोमवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद श्याम सुंदर का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया। शव गांव पहुंचने के बाद परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल रहा।
खड़े वाहनों को लेकर उठे सुरक्षा के सवाल
यह दुर्घटना बारिश और अंधेरे के दौरान सड़क पर बिना पर्याप्त संकेतक के खड़े वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती है। रात के समय सड़क पर किसी वाहन के खड़े होने पर पीछे से आने वाले चालकों को समय रहते जानकारी मिलना बेहद जरूरी होता है। रिफ्लेक्टर, इंडिकेटर और अन्य चेतावनी संकेत नहीं होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। सोनवाही जंगल के पास हुई घटना में भी खराब मौसम और कम दृश्यता के बीच यही स्थिति सामने आई।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसे के दौरान सड़क की स्थिति, बारिश, वाहन की गति और सड़क पर खड़े ट्रक की स्थिति समेत अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। वहीं, एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। घटना ने श्रद्धालुओं की खुशी के सफर को दर्दनाक हादसे में बदल दिया।
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