Yakub Memon bail: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पदस्थ एसडीओपी (SDOP) याकूब मेमन को शादीशुदा महिला से रेप और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोपों के बीच रायपुर सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है। यह मामला राज्य के पुलिस महकमे में हलचल का कारण बन गया है।
क्या है पूरा मामला?
रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक शादीशुदा महिला ने SDOP याकूब मेमन पर आरोप लगाया है कि वह रायपुर स्थित उनके मकान में किराए से रह रही थी, इसी दौरान याकूब ने शारीरिक शोषण किया और उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। पीड़िता का कहना है कि आरोपी उन्हें धमकाकर संबंध बनाता रहा और फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा।
महिला ने रायपुर के टिकरापारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन FIR नहीं लिखी गई। इसके बाद वह बलरामपुर पहुंची, लेकिन वहां भी पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। अंततः पीड़िता ने सरगुजा के आईजी से मामले की शिकायत की, जिसके बाद यह मामला उजागर हुआ।
याकूब मेमन का पक्ष
दूसरी ओर, SDOP याकूब मेमन ने महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि महिला ने पहले आर्थिक मदद के नाम पर उनसे संपर्क किया और फिर भावनात्मक रूप से नजदीकी बढ़ाई। याकूब के अनुसार, महिला ने ही संबंध बनाने की पहल की और वीडियो कॉल के दौरान उनके अर्धनग्न स्क्रीनशॉट लेकर ब्लैकमेल करने लगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला उनसे एक सरकारी मकान अपने नाम करवाने और बार-बार पैसे ऐंठने की कोशिश कर रही थी। याकूब ने दावा किया कि महिला ने उनसे अब तक करीब 1.5 लाख रुपए नकद और ऑनलाइन माध्यम से वसूले हैं। जब उन्होंने इनकार किया तो महिला ने उनकी पत्नी को वीडियो भेजने और फर्जी एफआईआर की धमकी दी।
कोर्ट से अग्रिम जमानत
इस हाई-प्रोफाइल केस में दोनों पक्षों की दलीलों के बाद रायपुर की सत्र न्यायालय ने याकूब मेमन को अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल याकूब मेमन को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, लेकिन पुलिस जांच अभी भी जारी है।
याकूब मेमन की पुलिस सेवा यात्रा
याकूब मेमन करीब 50 वर्ष के हैं और 1998 में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर भर्ती हुए थे। बाद में प्रमोशन पाकर थाना प्रभारी (TI) और फिर SDOP बने। वे रायपुर में भी TI के रूप में कार्यरत रह चुके हैं और वर्तमान में बलरामपुर जिले में SDOP पद पर तैनात हैं। वे छत्तीसगढ़ के भिलाई क्षेत्र के निवासी हैं।
यह मामला छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है, जहां एक ओर महिला यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं को फंसाने का दावा कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि जांच में सच्चाई किस पक्ष के साथ खड़ी होती है।