Modi Gujarat visit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने एक दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान भावनगर में जनता को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत को देश की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि भारत का कोई बाहरी दुश्मन नहीं है, बल्कि असली दुश्मन है – दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता। आत्मनिर्भरता को 100 दुखों की एक दवा बताते हुए उन्होंने कहा कि देश को अपने आत्मसम्मान और भावी पीढ़ियों के भविष्य के लिए अब आत्मनिर्भर बनना ही होगा।

विश्व बंधु की भावना और आत्मनिर्भरता पर जोर
भावनगर में करीब 35 मिनट तक चले अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “भारत आज विश्व बंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है। लेकिन अगर कोई दुश्मन है, तो वह है विदेशी निर्भरता। जितनी ज्यादा निर्भरता, उतनी ज्यादा विफलता।” उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर भारत के बिना 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का सपना अधूरा रह जाएगा।

कांग्रेस की नीतियों पर निशाना
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद दशकों तक कांग्रेस ने देश की प्रतिभा और कौशल को नजरअंदाज किया। उन्होंने लाइसेंस-कोटा राज और आयात पर निर्भरता को देश के विकास में बड़ी बाधा बताया। विशेष रूप से शिपिंग सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत एक समय समुद्री शक्ति था, लेकिन गलत नीतियों ने इस ताकत को कमजोर कर दिया।
34,200 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का वर्चुअल लोकार्पण
पीएम मोदी ने ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम के तहत सौराष्ट्र और गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में 34,200 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का वर्चुअली उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये योजनाएं पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय, गुजरात मैरीटाइम बोर्ड और अन्य समुद्री बोर्ड्स से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं भारत को समुद्री शक्ति के रूप में फिर से स्थापित करेंगी।
मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन
भावनगर से ही पीएम मोदी ने वर्चुअली भारत के सबसे बड़े क्रूज टर्मिनल – मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल (MICT) – का उद्घाटन किया। 4.15 लाख वर्ग फुट में फैले इस टर्मिनल की सालाना क्षमता 10 लाख यात्रियों की है और इसमें एक साथ 5 क्रूज शिप खड़े हो सकते हैं। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह टर्मिनल भारत को ग्लोबल क्रूज टूरिज्म हब बनाएगा।
आत्मनिर्भर भारत के लिए ठोस कदम
पीएम ने कहा कि देश में व्यापार और कारोबार को सरल बनाने की दिशा में तेजी से कानूनों में बदलाव किए जा रहे हैं। संसद के मानसून सत्र में कई पुराने औपनिवेशिक कानूनों को हटाया गया है, खासकर मैरीटाइम सेक्टर में, जिससे अब तेज़ विकास की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि चिप हो या शिप, हर चीज भारत में ही बने। यही आत्मनिर्भर भारत का मंत्र है।”
पीएम मोदी का गुजरात दौरा केवल योजनाओं का उद्घाटन भर नहीं था, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक स्पष्ट संदेश और जन-संवाद था। भारत को वैश्विक नेतृत्व में स्थापित करने के लिए आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देना ही अब हर देशवासी का संकल्प होना चाहिए।










