Haryana ASI Suicide: हरियाणा पुलिस में तैनात अधिकारी और चर्चित वसूली केस की जांच कर रहे संदीप लाठर ने सोमवार को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनका शव रोहतक जिले के लाढ़ौत गांव में स्थित एक खेत के कमरे में मिला। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट और लाइसेंसी पिस्तौल भी बरामद की गई है। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक 6 मिनट का वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
संदीप लाठर वर्तमान में साइबर सेल, रोहतक में तैनात थे और वे आईपीएस वाई पूरण कुमार के निजी स्टाफ में शामिल रहे ASI सुशील कुमार के खिलाफ चल रही वसूली जांच की अगुवाई कर रहे थे। सुशील कुमार को कुछ समय पहले ही संदीप ने शराब माफियाओं से ‘महीना’ वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
क्या है पूरा मामला?
आईपीएस वाई पूरण कुमार के खिलाफ यह मामला तब सुर्खियों में आया जब उनके सहयोगी सुशील कुमार पर एक शराब कारोबारी से हर महीने उगाही करने का आरोप लगा। इसी मामले में संदीप लाठर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 अक्टूबर को SIT भी रोहतक पहुंची थी।इस बीच, आईपीएस पूरण कुमार की पत्नी, जो कि एक IAS अधिकारी हैं, ने आरोप लगाया कि उनके पति को एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनका दावा है कि सुशील कुमार की गिरफ्तारी भी इसी साजिश का हिस्सा थी।
आत्महत्या से पहले संदीप लाठर का वीडियो और सुसाइड नोट
संदीप लाठर ने आत्महत्या से पहले जो सुसाइड नोट छोड़ा है, उसमें उन्होंने सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार, वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव और जांच को प्रभावित करने की कोशिशों का जिक्र किया है। वहीं, 6 मिनट के वीडियो में उन्होंने खुलासा किया कि वे निष्पक्ष जांच करना चाहते थे, लेकिन उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा था और कई स्तरों से उन्हें धमकियां भी मिल रही थीं।
पुलिस विभाग में हड़कंप
इस घटना के बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि एक ईमानदार जांच अधिकारी को इतना मानसिक दबाव झेलना पड़ा कि उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा, तो जांच की पारदर्शिता पर सवाल लाज़िमी हैं।फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट व वीडियो की फोरेंसिक जांच की जा रही है। मामले की जांच SIT द्वारा की जा रही है, लेकिन संदीप लाठर की मौत ने जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।