Stock Market Update: विदेशी पूंजी की निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 297 अंक टूटकर 82,029.98 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 82 अंक गिरकर 25,145.50 पर आ गया। निवेशकों के बीच बढ़ती सतर्कता और जोखिम से बचाव की प्रवृत्ति ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

प्रमुख कारण: वैश्विक दबाव और एफआईआई की बिकवाली
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार की इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं:

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा ₹240.10 करोड़ की बिकवाली
एशिया और यूरोप के बाजारों में गिरावट
अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता
घरेलू स्तर पर नए आर्थिक संकेतकों की कमी
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि, “मुनाफावसूली के साथ वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। जोखिम से बचने के कारण निवेशक सोना और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।”
किन कंपनियों को हुआ नुकसान?
सेंसेक्स में शामिल कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, जिनमें शामिल हैं:
बजाज फाइनेंस
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
टाटा स्टील
टीसीएस
एनटीपीसी
ट्रेंट
एशियन पेंट्स
एक्सिस बैंक
हालांकि कुछ कंपनियों के शेयरों ने बढ़त भी दर्ज की, जैसे:
टेक महिंद्रा
आईसीआईसीआई बैंक
पावर ग्रिड
हिंदुस्तान यूनिलीवर
रिलायंस इंडस्ट्रीज
वैश्विक बाजारों का हाल
दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सभी गिरावट के साथ बंद हुए।यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर तक गिरावट का रुख बना रहा।हालांकि, अमेरिकी बाजार सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए थे, जिससे कुछ उम्मीदें जगी हैं।
कच्चे तेल और अन्य कारक
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.82% गिरकर 62.17 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो महंगाई और इनपुट कॉस्ट को लेकर राहत का संकेत दे सकता है।
कल का बाजार: क्या उम्मीद करें?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बुधवार को बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेश की गतिविधियों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर निर्भर करेगी। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता आती है और घरेलू स्तर पर कोई सकारात्मक खबर आती है, तो बाजार में हल्की रिकवरी देखी जा सकती है।हालांकि निवेशकों को अभी भी सावधानीपूर्वक निवेश निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है, खासकर वे सेक्टर जिनमें हाल ही में तेज़ गिरावट आई है।










