Share Market Crash
Share Market Crash : भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार का दिन निवेशकों के लिए भारी उथल-पुथल भरा रहा। केंद्रीय बजट (Union Budget) पेश होने से ठीक पहले निवेशकों ने सतर्कता बरतते हुए जमकर बिकवाली की, जिससे बाजार की शुरुआत ही लाल निशान के साथ हुई। कमजोर वैश्विक संकेतों और बजट से पहले की अनिश्चितता ने बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में टैक्स स्लैब और कैपिटल गेन्स टैक्स को लेकर होने वाले संभावित बदलावों के डर से निवेशक फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ (Wait and Watch) की रणनीति अपना रहे हैं।
शुक्रवार सुबह जैसे ही ट्रेडिंग की शुरुआत हुई, बीएसई (BSE) सेंसेक्स 489.29 अंक गिरकर 82,077.08 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी अपनी मजबूती बरकरार नहीं रख पाया और 170.25 अंक की गिरावट के साथ 25,248.65 पर खुला। बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) भी काफी कमजोर रही, जहाँ गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले दोगुनी से अधिक रही। करीब 1,610 शेयरों में बिकवाली दिखी, जबकि मात्र 748 शेयर ही हरे निशान में टिक पाए।
आज के सत्र में मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कमजोर कमोडिटी संकेतों ने टाटा स्टील, हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील और जियो फाइनेंशियल जैसे बड़े शेयरों को नीचे धकेल दिया। हालांकि, गिरते बाजार में भी एफएमसीजी (FMCG) और फार्मा जैसे डिफेंसिव सेक्टर के कुछ शेयरों ने निवेशकों को सहारा दिया। नेस्ले इंडिया, सन फार्मा, एशियन पेंट्स और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में मामूली खरीदारी देखी गई, जिससे इंडेक्स को कुछ सहारा मिला।
बाजार की नजरें आज केवल बजट पर ही नहीं, बल्कि तिमाही नतीजों (Q3 Results) पर भी टिकी हुई हैं। आज बजाज ऑटो, एनटीपीसी (NTPC), पावर ग्रिड, नेस्ले इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी दिग्गज कंपनियां अपने वित्तीय आंकड़े पेश करने वाली हैं। इसके अलावा अडानी समूह की कंपनियों और एचएएल (HAL) के नतीजों का भी बाजार को बेसब्री से इंतजार है। इन नतीजों का असर न केवल संबंधित शेयरों पर, बल्कि निफ्टी के समग्र प्रदर्शन पर भी देखने को मिलेगा।
हाल ही में जारी हुए कुछ दिग्गज कंपनियों के नतीजों ने मिला-जुला असर दिखाया है। ITC का मुनाफा तीसरी तिमाही में स्थिर रहा है, लेकिन कंपनी द्वारा घोषित 6.50 रुपये के अंतरिम डिविडेंड ने निवेशकों को आकर्षित किया है। इसके विपरीत, टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट के मुनाफे में 48% की भारी गिरावट ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। फिनटेक सेक्टर की बात करें तो पेटीएम का घाटे से उबरकर मुनाफे में आना एक बड़ा सकारात्मक मोड़ है, जबकि स्विगी के बढ़ते घाटे ने इसके शेयर पर दबाव बनाया है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि बजट के दिन तक बाजार में इसी तरह की उतार-चढ़ाव वाली स्थिति बनी रह सकती है। तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 25,200 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है। यदि बाजार इसके नीचे फिसलता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है। ऐसे में रिटेल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे ऊंचे स्तरों पर नया निवेश करने से बचें और बजट के बाद बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करें।
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