Stock Market Volatility
Stock Market Volatility: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक तेजी के साथ हुई, लेकिन निवेशकों का उत्साह ज्यादा देर टिक नहीं पाया। सुबह 9:15 बजे बाजार खुलते ही बीएसई सेंसेक्स 149.7 अंकों की छलांग लगाकर 75,652.55 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, महज 12 मिनट के भीतर बाजार ने गोता लगा दिया और 9:27 बजे तक सेंसेक्स 115.26 अंक लुढ़ककर 75,387.59 पर आ गया। ठीक यही स्थिति नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी में भी देखी गई। निफ्टी 53 अंकों की बढ़त के साथ 23,461.80 पर खुला था, लेकिन जल्द ही बिकवाली के दबाव में यह 41.2 अंक गिरकर 23,367.60 के स्तर पर फिसल गया। बाजार की इस चाल ने इंट्रा-डे ट्रेडर्स के बीच हलचल पैदा कर दी है।
शुरुआती सत्र के दौरान बाजार में दो विपरीत रुझान देखने को मिले। एक तरफ भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयरों में लिवाली (खरीदारी) देखने को मिली, जिससे निफ्टी को थोड़ा सहारा मिला। विशेष रूप से ऑटो सेक्टर के दिग्गज मारुति और एमएंडएम टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे। दूसरी ओर, आईटी सेक्टर पर भारी दबाव देखा गया। इंफोसिस, टीसीएस (TCS), एचसीएल टेक और विप्रो जैसे बड़े शेयरों में गिरावट के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व भी टॉप लूजर्स की श्रेणी में बने रहे। आईटी सेक्टर में आई इस गिरावट ने बाजार की रिकवरी की कोशिशों पर पानी फेर दिया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स के अनुसार, बाजार की मौजूदा चाल को देखते हुए तत्काल किसी बड़ी छलांग की उम्मीद कम है। उनका मानना है कि कल की तेजी का लगभग 38% हिस्सा बाजार पहले ही गंवा चुका है, इसलिए 23,990 के लक्ष्य तक पहुंचना फिलहाल चुनौतीपूर्ण होगा। आज के कारोबार में निफ्टी के 23,276 के स्तर तक गिरने की संभावना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार कुछ समय तक सीमित दायरे (Range-bound) में कारोबार कर सकता है और तेजी को दोबारा मजबूत गति मिलने में समय लगेगा।
घरेलू शेयर बाजार की कमजोरी और वैश्विक संकट का असर भारतीय रुपये पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे कमजोर होकर 92.42 के स्तर पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये की सेहत बिगाड़ दी है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकालने और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव दोगुना कर दिया है। फिलहाल निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो आने वाले समय में मुद्रा बाजार की दिशा तय करेगा।
मंगलवार सुबह 10 बजे के आसपास के आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘ETERNAL’ और ‘M&M’ जैसे शेयरों में 2.5% से 3% तक की तेजी देखी गई। टाटा स्टील और बजाज ऑटो भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, गिरावट वाले शेयरों में विप्रो (Wipro) 1.91% की गिरावट के साथ सबसे आगे रहा, जिसके बाद इंफोसिस और एचसीएल टेक का स्थान रहा। बाजार की इस उठापटक के बीच वॉल्यूम और वैल्यू के लिहाज से भी आईटी शेयरों में काफी सक्रियता देखी गई। रुपये का पिछले सप्ताह का रिकॉर्ड निचला स्तर 92.47 था, और वर्तमान गिरावट को देखते हुए यह फिर से उस स्तर को छू सकता है।
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