Shaheed Diwas Rally: पश्चिम बंगाल में मंगलवार को आयोजित होने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बहुप्रतीक्षित शहीद दिवस कार्यक्रम से ठीक पहले राज्य की राजनीति में जबरदस्त उबाल और हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। सोमवार की पूरी रात कोलकाता के बिड़ला प्लैटोरियम के सामने स्थित मुख्य कार्यक्रम स्थल पर भारी राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्वों और बीजेपी समर्थकों ने रात के अंधेरे में सभा के मंच को निशाना बनाया, वहां तोड़फोड़ की, बिजली की सप्लाई काट दी और चारों तरफ लगाए गए पार्टी के पोस्टर व बैनर फाड़ डाले। इस अप्रत्याशित घटना के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हो गए।

ममता बनर्जी ने पूरी रात कार्यक्रम स्थल पर डटकर की निगरानी
तोड़फोड़ और व्यवधान के गंभीर आरोपों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद पूरी रात कार्यक्रम स्थल पर ही डटी रहीं। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता जैसे अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन भी रातभर मंच की निगरानी करते नजर आए। ममता बनर्जी ने मीडिया और समर्थकों से बातचीत करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को इस विशाल रैली में शामिल होने से सुनियोजित तरीके से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन शहीदों के परिवारों को लगातार डरा-धमका रहा है और उन्हें इस कार्यक्रम में हिस्सा न लेने की कड़ी चेतावनी दे रहा है। उन्होंने कहा कि उनके मंचों को तोड़ा जा रहा है, माइक्रोफोन के कनेक्शन काटे जा रहे हैं, लेकिन वे इससे डरने वाली नहीं हैं।

कोलकाता में दो अलग-अलग जगहों पर आयोजित होंगे शहीद दिवस कार्यक्रम
बता दें कि पश्चिम बंगाल में हर साल 21 जुलाई का दिन ‘शहीद दिवस’ के रूप में बहुत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह ऐतिहासिक दिन 21 जुलाई 1993 को कोलकाता में पुलिस फायरिंग के दौरान अपनी जान गंवाने वाले 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शहादत की याद में आयोजित किया जाता है। हालांकि इस बार कोलकाता में दो अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ममता बनर्जी की मुख्य सभा बिड़ला प्लैटोरियम के सामने निर्धारित है, जबकि दूसरी ओर ऋतब्रत गुट के नेता मेयो रोड पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। कलकत्ता हाई कोर्ट ने कुछ जरूरी शर्तों और नियमों के साथ इन कार्यक्रमों को आयोजित करने की कानूनी अनुमति दी है। सुबह होते ही भारी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थलों पर जुटने लगे।
विधानसभा में दो घंटे के भोजन अवकाश की विशेष घोषणा
इस बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान दो घंटे के लंबे भोजन अवकाश की विशेष घोषणा की। यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों से ताल्लुक रखने वाले विधायक 21 जुलाई के अपने-अपने निर्धारित ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रमों में सुगमता से शामिल हो सकें। ममता बनर्जी नीत गुट के विधायक और प्रतिद्वंद्वी खेमे के नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष से सदन की कार्यवाही में ढील देने का औपचारिक अनुरोध किया था।
ऋतब्रत का खेमा मेयो रोड पर आयोजित करेगा अपनी अलग रैली
शुरुआती दौर में विधानसभा अध्यक्ष कार्यवाही में बदलाव के पक्ष में बिल्कुल नहीं थे, लेकिन विपक्षी नेताओं के अनुरोध और सदन के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए वह मंगलवार को भोजन अवकाश की अवधि बढ़ाने के लिए राजी हो गए। अध्यक्ष ने घोषणा की कि मंगलवार को दोपहर 12 बजे से पूरे दो घंटे के लिए सदन में भोजन अवकाश रहेगा। गौरतलब है कि ऋतब्रत के नेतृत्व वाला असंतुष्ट खेमा मेयो रोड पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास अपनी अलग रैली का आयोजन कर रहा है, जिससे राज्य में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है।
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