Share Market Crash
Share Market Crash: पश्चिम एशिया (मिडल-ईस्ट) में गहराते युद्ध के बादलों ने भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को दलाल स्ट्रीट पर ‘ब्लैक फ्राइडे’ जैसा नजारा देखने को मिला, जहाँ लगातार तीसरे दिन बाजार में विनाशकारी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के डर से निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। आज के कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1470.50 अंकों या 1.93 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 74,563.92 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में इस तरह की गिरावट ने निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।
केवल सेंसेक्स ही नहीं, बल्कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी 50 इंडेक्स में भी शुक्रवार को चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी आज 488.05 अंकों (2.06 प्रतिशत) की भारी गिरावट के साथ 23,151.10 के स्तर पर बंद हुआ। बताते चलें कि गिरावट का यह सिलसिला पिछले कई सत्रों से जारी है। गुरुवार को भी बाजार में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी, जब सेंसेक्स 829 अंक और निफ्टी 227 अंक टूटकर बंद हुए थे। पिछले दो दिनों की संयुक्त गिरावट ने निफ्टी को उसके महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से काफी नीचे धकेल दिया है, जो आने वाले समय के लिए एक नकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
शुक्रवार का दिन दिग्गज इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के लिए बेहद बुरा साबित हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से एलएंडटी का शेयर आज सबसे ज्यादा 7.52 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार की चौतरफा मार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स की 30 में से केवल 2 कंपनियां (हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारती एयरटेल) ही हरे निशान में बंद हो पाईं, जबकि बाकी की 28 कंपनियों के शेयर लाल निशान में डूबे रहे। निफ्टी 50 का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा, जहाँ 50 में से मात्र 3 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए और 47 शेयरों ने नुकसान झेला।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन लगभग हर सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखी गई। सेंसेक्स की दिग्गज कंपनियों में टाटा स्टील (5.20%), एसबीआई (3.55%), और मारुति सुजुकी (3.12%) में तगड़ी गिरावट रही। बैंकिंग सेक्टर भी अछूता नहीं रहा, जहाँ एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 2 प्रतिशत के करीब या उससे ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों जैसे एचसीएल टेक, इन्फोसिस और टीसीएस में भी 1 से 2.5 प्रतिशत तक की गिरावट रही। रिलायंस और आईटीसी जैसे भारी भरकम शेयरों ने भी बाजार को संभालने की कोशिश की लेकिन अंततः वे भी लाल निशान में ही सिमट गए।
भयावह गिरावट के इस माहौल में केवल ‘हिंदुस्तान यूनिलीवर’ ने अपनी चमक बरकरार रखी और 1.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा। भारती एयरटेल भी मामूली बढ़त (0.33%) के साथ बंद होने में सफल रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडल-ईस्ट में तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले हफ्ते में भी बाजार पर दबाव बना रह सकता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और कच्चे तेल की अनिश्चितता ने घरेलू निवेशकों को ‘वेट एंड वॉच’ (इंतजार करो और देखो) की स्थिति में डाल दिया है। फिलहाल बाजार की रिकवरी पूरी तरह से वैश्विक हालातों पर निर्भर करती है।
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