Share Market Crash Today: हफ्ते का पहला ही दिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद झटकेदार और निराशाजनक साबित हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। बाजार में कारोबार की शुरुआत होते ही बिकवाली का दबाव इस कदर बढ़ा कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स देखते ही देखते 800 अंकों से ज्यादा टूट गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए 23,100 के नीचे फिसल गया। आईटी, मेटल, ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को गहरी चिंता में डाल दिया है।

सेंसेक्स और निफ्टी के ताजा आंकड़े: हीटमैप पर दिखा चौतरफा लाल निशान
सुबह जैसे ही ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत हुई, बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी हो गई। सेंसेक्स 803 अंक की भारी गिरावट के साथ 73,440 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 264 अंक टूटकर 23,102 पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। इस दौरान बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) भी बेहद कमजोर और निराशाजनक रही। शुरुआती कारोबार में केवल 107 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जिसके मुकाबले 310 शेयर भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। निफ्टी-50 के हीटमैप पर नजर डालें तो अधिकांश दिग्गज और बड़े शेयर लाल निशान में डूबे दिखाई दिए, जबकि केवल कुछ चुनिंदा डिफेंसिव शेयरों में ही मामूली खरीदारी देखने को मिली।

इन दिग्गज शेयरों ने बढ़ाई निवेशकों की आफत: विप्रो और हिंदाल्को सबसे ज्यादा टूटे
बाजार को नीचे धकेलने में मेटल, आईटी और वित्तीय सेक्टर के बड़े शेयरों का सबसे बड़ा हाथ रहा। दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो का शेयर करीब 4.5% तक टूट गया, जिससे टेक सेक्टर में हड़कंप मच गया। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडिगो, टाटा स्टील, हिंदाल्को, टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और बजाज फाइनेंस जैसे हैवीवेट शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली और बिकवाली की। निफ्टी के टॉप लूजर्स (सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर) की सूची में आज हिंदाल्को, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस प्रमुख रूप से शामिल रहे।
आखिर क्यों धराशायी हुआ भारतीय बाजार? विशेषज्ञों ने बताए मुख्य कारण
बाजार विश्लेषकों और आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक और कमजोर संकेत ही इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह हैं। इस समय वैश्विक स्तर पर निवेशक कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की लगातार बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को लेकर बेहद सतर्क और डरे हुए हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बना ली है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजार से लगातार की जा रही पैसे की निकासी (बिकवाली) का भी घरेलू बाजार के सेंटिमेंट पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
इन पांच कंपनियों के शेयरों पर टिकी हैं नजरें: कॉर्पोरेट जगत की बड़ी हलचल
बाजार में मचे इस हाहाकार के बीच कुछ चुनिंदा कंपनियां अपनी महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट घोषणाओं के कारण निवेशकों के रडार पर बनी हुई हैं:
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ईएमएस (EMS): कंपनी को उत्तर प्रदेश जल निगम से लगभग ₹102.8 करोड़ का एक बड़ा और नया ऑर्डर मिला है, जिससे इसके शेयरों में हलचल है।
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एलेम्बिक फार्मास्यूटिकल्स (Alembic Pharma): यह कंपनी कनाडाई बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वहां की एक नई कंपनी में 45% हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी में है।
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ज़ी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment): कंपनी आगामी 10 जून को होने वाली अपनी बैठक में फंड जुटाने के बड़े प्रस्ताव पर विस्तार से विचार करने वाली है।
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हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc): कंपनी ने राजस्थान में 250 हेक्टेयर के बड़े इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट के लिए ‘टेरी’ (TERI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।
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एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स: इस कंपनी में हाल ही में प्रबंधन (मैनेजमेंट) के उच्च स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है, जिसका असर इसके शेयरों पर दिख सकता है।
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