Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दौर लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में भी बदस्तूर जारी है, जिससे निवेशकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। पिछले सत्र में 76,391 के स्तर पर बंद होने वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज शुरुआती कारोबार के दौरान ही लगभग 500 अंकों की भारी गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 170 अंकों के बड़े गोते के साथ 23,700 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। मौजूदा समय में बाजार के भीतर चौतरफा घबराहट और बिकवाली का माहौल हावी है।

भू-राजनीतिक तनावों, विशेषकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालातों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर चुकी हैं। चूंकि भारत अपनी कुल ऊर्जा और तेल जरूरतों का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है, ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण देश के भीतर महंगाई बढ़ने और व्यापार घाटा गहराने का डर निवेशकों को बुरी तरह सता रहा है।

एशियाई बाजारों का हाल, निक्केई और कोस्पी में बड़ी गिरावट
केवल भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि आज एशियाई महाद्वीप के तमाम प्रमुख बाजारों में भी भारी बिकवाली और मंदी का रुख देखा जा रहा है। कच्चे तेल के दामों में हो रही लगातार वृद्धि और वैश्विक महंगाई के बढ़ते खतरे को भांपते हुए निवेशकों में दहशत का माहौल है, जिसके चलते आज लगभग सभी एशियाई बाजार लाल निशान के साथ कारोबार करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सुबह के शुरुआती कारोबारी सत्र में ही जापान का प्रतिष्ठित निक्केई 225 इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत तक लुढ़क चुका है। वहीं दूसरी ओर, सबसे बड़ी और गहरी गिरावट दक्षिण कोरिया के प्रमुख बाजार ‘कोस्पी’ में दर्ज की जा रही है, जो आज फिसलकर 3.4 प्रतिशत तक नीचे आ चुका है। इसके अलावा, हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी भारी दबाव के बीच 1.1 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट भी हल्की सुस्ती दिखाते हुए 0.07 प्रतिशत नीचे बना हुआ है।
अमेरिकी वॉल स्ट्रीट पर भी दिखा टेक शेयरों का भारी भूचाल
भारतीय और एशियाई बाजारों के साथ-साथ सुदूर पश्चिम में अमेरिकी शेयर बाजार यानी वॉल स्ट्रीट का हाल भी बेहद खराब नजर आया। गुरुवार की पूरी रात चले अमेरिकी कारोबारी सत्र के दौरान तकनीक आधारित शेयरों में मंदी और बिकवाली के कारण नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में जबरदस्त भूचाल आया और यह 553 अंकों की भारी गिरावट के साथ 25,137 के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही, डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी 506 अंकों का गोता लगाकर 51,711 के स्तर पर सिमट गया, जबकि एसएंडपी 500 सूचकांक 1.21 प्रतिशत के नुकसान के बाद 7408 के स्तर पर आ गया।
कल के कारोबार के दौरान दिग्गज टेक कंपनी गूगल की पेरेंट फर्म अल्फाबेट के शेयरों में सीधे तौर पर 7 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कंपनी के तिमाही वित्तीय नतीजे बेहतर रहे थे, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी-भरकम खर्च बढ़ाने की घोषणा ने निवेशकों की चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया, जिससे बिकवाली का दौर और तेज हो गया।
टेस्ला के शेयर क्रैश और मैग्निफिसेंट सेवन को तगड़ा झटका
अमेरिकी बाजार में मचे इस हाहाकार के बीच दिग्गज इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला के शेयरों में भी ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली और इसके शेयर एक ही दिन में 14 प्रतिशत तक क्रैश हो गए। बाजार में आई इस तीव्र बिकवाली और कोहराम के कारण अमेरिका की सात सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों, जिन्हें सामूहिक रूप से ‘मैग्निफिसेंट सेवन’ कहा जाता है, की कुल मार्केट वैल्यू से एक ही झटके में भारी-भरकम 889 बिलियन डॉलर की पूंजी स्वाहा हो गई। वैश्विक स्तर पर उपजे इन तमाम आर्थिक और भू-राजनीतिक तनावों के कारण दुनिया भर के शेयर बाजारों में निवेशकों का विश्वास डगमगाया हुआ है, और निकट भविष्य में भी बाजार की इस भारी अनिश्चितता से तुरंत राहत मिलने की कोई खास उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
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