ताज़ा खबर

Shashi Tharoor : शशि थरूर को मोदी प्रेम पड़ सकता है भारी, कांग्रेस दिखा सकता है बाहर का रास्ता

Shashi Tharoor : कभी सरकार की विदेश नीति की तारीफ करते हैं। कभी सेना की तारीफ के बहाने भाजपा सरकार की नीतियों की तारीफ करते हैं। कभी सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हैं। शशि थरूर ने कई बार पार्टी को असहज किया है। हालांकि कांग्रेस अब इसे बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जिस तरह से सार्वजनिक तौर पर उनकी आलोचना की है, उससे यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस तिरुवनंतपुरम के सांसद के लिए दरवाजे बंद करने जा रही है।

शशि थरूर का मोदी प्रेम

दो दिन पहले शशि थरूर ने एक अखबार के संपादकीय में लिखा था, “ऊर्जा, गतिशीलता और इच्छाशक्ति। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ये तीन गुण देश की बहुमूल्य संपत्ति हैं।” अखिल भारतीय मीडिया में उन्होंने कहा, “मोदी की एकता की शक्ति, स्पष्ट संवाद की प्रभावशीलता और सुव्यवस्थित कूटनीतिक सोच धीरे-धीरे भारत को समृद्ध बना रही है। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का सदस्य होने के नाते मैंने इसे समझा है।” जिस तरह से शशि ने सीधे प्रधानमंत्री की तारीफ की है, उससे कांग्रेस काफी असहज हो गई है। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि शशि ने जो कहा, वह उनकी अपनी राय है। यह किसी भी तरह से पार्टी की राय नहीं है।

खड़गे ने थरूर पर कसा तंज

अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद थरूर के बारे में खुलकर बात की है। पार्टी सांसद के लेख के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हमारे लिए देश पहले है। लेकिन कुछ लोगों के लिए मोदी पहले हैं। कोई भी जो चाहे लिख सकता है।” दरअसल, खड़गे ने थरूर की तुलना तथाकथित मोदी भक्तों से की। कांग्रेस अध्यक्ष की इस टिप्पणी से यह साफ है कि कांग्रेस ने शशि को कबाड़ के ढेर में फेंक दिया है।

शशि एआईसीसी के सदस्य हैं

शशि एआईसीसी के सदस्य हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा था। इस नेता ने लगातार सार्वजनिक रूप से पार्टी के रुख के खिलाफ जाकर मोदी सरकार को सर्टिफिकेट दिए हैं, जिससे पार्टी असहज है। कांग्रेस शायद अब इस असहजता को और बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। तो क्या शशि की मंजिल भाजपा है? मोदी की तारीफों से भरा लेख लिखने के बाद भी कांग्रेस सांसद ने कहा है, ‘वह भाजपा में शामिल होने के लिए बिल्कुल भी नहीं उछल रहे हैं।’ हालांकि, भविष्य में अगर वह कांग्रेस छोड़कर पद्म शिविर में कूद पड़ें तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।

Read More  : Iran : उत्तर कोरिया के बाद ईरान! IAEA से नाता तोड़ने की कगार पर तेहरान

Thetarget365

Recent Posts

Ambikapur Fire Incident : अब कसेगा कानून का शिकंजा, विस्फोटक अधिनियम की गैर-जमानती धाराएं भी जुड़ीं

Ambikapur Fire Incident : अंबिकापुर शहर के राम मंदिर रोड पर हुए भीषण अग्निकांड में…

2 minutes ago

Pawan Khera Bail : पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, असम पुलिस के मानहानि केस में मिली अग्रिम जमानत

Pawan Khera Bail :  भारतीय राजनीति के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है।…

3 hours ago

LPG Price Hike: 1 मई से गैस सिलेंडर की कीमतों में लगी आग, 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम ₹261 बढ़े

LPG Price Hike:  मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की रसोई पर…

4 hours ago

Health Tips: भीगे हुए मुनक्के हैं सेहत का खजाना, कब्ज और हड्डियों की कमजोरी को कहें अलविदा

Health Tips:  ड्राई फ्रूट्स की दुनिया में मुनक्का एक ऐसा नाम है, जिसे आयुर्वेद में…

4 hours ago

India-Bangladesh Row: असम सीएम के बयान पर बांग्लादेश सख्त, भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर दर्ज कराया विरोध

India-Bangladesh Row:  असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की हालिया टिप्पणियों ने भारत और बांग्लादेश…

4 hours ago

This website uses cookies.