Shiprocket IPO : ई-कॉमर्स इनेबलमेंट कंपनी शिपरॉकेट का ₹1,617.48 करोड़ का आईपीओ निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा। कंपनी का सार्वजनिक निर्गम कुल 102.28 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब निवेशकों की नजर 17 अगस्त पर है, क्योंकि आज शेयर अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद शिपरॉकेट के शेयरों की लिस्टिंग 19 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर प्रस्तावित है।
शिपरॉकेट क्या काम करती है?
शिपरॉकेट की शुरुआत एक शिपिंग सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर हुई थी, लेकिन अब यह D2C ब्रांड्स और MSMEs के लिए फुल-स्टैक ई-कॉमर्स इनेबलर बन चुकी है। कंपनी कारोबारियों को ऑनलाइन बिजनेस शुरू करने, ऑर्डर मैनेज करने, डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स से लेकर बिजनेस को बढ़ाने तक कई तरह की सेवाएं और तकनीकी समाधान उपलब्ध कराती है।
Kfin Technologies से ऐसे चेक करें अलॉटमेंट
जिन निवेशकों ने शिपरॉकेट आईपीओ में पैसा लगाया है, वे रजिस्ट्रार Kfin Technologies की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस देख सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले ipostatus.kfintech.com पर जाना होगा। यहां Shiprocket IPO का विकल्प चुनने के बाद एप्लीकेशन नंबर, PAN या डीमैट अकाउंट में से किसी एक माध्यम को चुनकर संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद ‘Submit’ पर क्लिक करते ही अलॉटमेंट की जानकारी सामने आ जाएगी।
BSE वेबसाइट से भी मिल जाएगी जानकारी
निवेशक BSE की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए भी IPO अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके लिए BSE के एप्लीकेशन स्टेटस पेज पर जाकर इश्यू टाइप में ‘Equity’ चुनना होगा। इसके बाद ड्रॉपडाउन से Shiprocket IPO का चयन करें। एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करने के बाद कैप्चा भरें और ‘Search’ पर क्लिक करें। इससे शेयर अलॉटमेंट की स्थिति पता चल जाएगी।
12 से 14 अगस्त तक खुला था IPO
शिपरॉकेट का IPO 12 अगस्त को खुला और 14 अगस्त 2026 को बंद हुआ था। इसमें ₹885.50 करोड़ के 9.13 करोड़ नए शेयर जारी किए गए, जबकि ₹731.98 करोड़ के 7.55 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल के तहत रखे गए थे। कंपनी ने IPO के लिए अंतिम इश्यू प्राइस ₹97 प्रति शेयर तय किया था।
सभी कैटेगरी में निवेशकों ने जमकर बोली लगाई
IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का हिस्सा 125.20 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की कैटेगरी को 92.58 गुना और रिटेल निवेशकों के हिस्से को 48.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से को भी 58.85 गुना बोली मिली। आंकड़े बताते हैं कि सभी प्रमुख निवेशक वर्गों ने इश्यू में मजबूत रुचि दिखाई।
IPO से जुटाए पैसों का होगा इस्तेमाल
कंपनी के मुताबिक, नए शेयरों से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल मार्केटिंग गतिविधियों, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमताओं को मजबूत करने में किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी कर्ज चुकाने, संभावित अधिग्रहण के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ बढ़ाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी धन का इस्तेमाल करेगी।
ग्रे मार्केट में भी दिखी मजबूत मांग
IPO से पहले शिपरॉकेट के शेयरों को ग्रे मार्केट में भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शेयर करीब 32.99 प्रतिशत प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, ग्रे मार्केट एक अनधिकृत बाजार है और वहां मिलने वाला प्रीमियम शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता। IPO से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹727.42 करोड़ जुटाए थे।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर
वित्त वर्ष 2025-26 में शिपरॉकेट का राजस्व करीब 24 प्रतिशत बढ़कर ₹2,077.42 करोड़ हो गया। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा लगभग 6 प्रतिशत घटकर ₹79.25 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर करीब ₹242 करोड़ की उधारी थी। अब IPO के बाद निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी वित्तीय प्रदर्शन और 19 अगस्त की शेयर बाजार लिस्टिंग पर रहेगी।
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