Sheetal Devi Archery: भारतीय खेल प्रेमियों के लिए 27 सितंबर 2025 का दिन कई ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ यादगार बन गया। पैरा तीरंदाजी और पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। वहीं, प्रो कबड्डी लीग (PKL) सीजन 12 में रोमांचक मुकाबलों की वापसी भी हुई।

पैरा तीरंदाजी: शीताल और तोमन ने दिलाया डबल गोल्ड
दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में चल रही पैरा आर्चरी वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत को दो स्वर्ण पदक मिले।

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शीताल देवी, जिन्होंने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, ने महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
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वहीं, तोमन कुमार ने पुरुषों की व्यक्तिगत प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने फाइनल में कड़ी टक्कर देते हुए जीत दर्ज की। इनके प्रदर्शन से भारत का पैरा आर्चरी में दबदबा और मजबूत हुआ है।
पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड्स: शैलेश कुमार ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड
नई दिल्ली में शुरू हुई 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत ने घरेलू मैदान पर दमदार शुरुआत की।
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शैलेश कुमार ने पुरुषों की T63 ऊंची कूद (High Jump) स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर भारत की झोली में पहला स्वर्ण डाला।
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इस चैंपियनशिप में भारत की उम्मीदें दीप्ति जेवनजी जैसे खिलाड़ियों पर भी टिकी हुई हैं, जिनके प्रदर्शन पर देश की नजरें टिकी हैं।
शूटिंग: दिल्ली में जारी है ISSF जूनियर वर्ल्ड कप
नई दिल्ली में चल रहे ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में भी भारतीय युवा निशानेबाजों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। हालांकि 27 सितंबर को कोई बड़ा पदक नहीं आया, लेकिन क्वालिफाइंग राउंड्स में भारत के कई खिलाड़ी टॉप पोजीशन पर रहे। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में भारत पदकों की झड़ी लगाएगा।
प्रो कबड्डी लीग (PKL) 12: फिर शुरू हुआ रोमांच
एक दिन के ब्रेक के बाद प्रो कबड्डी लीग सीजन 12 में फिर से मुकाबले शुरू हो गए।
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पहला मुकाबला पटना पाइरेट्स बनाम बंगाल वॉरियर्स के बीच रात 8 बजे खेला गया।
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इसके बाद रात 9 बजे जयपुर पिंक पैंथर्स ने तमिल थलाइवाज़ से मुकाबला किया।
इन मुकाबलों में खिलाड़ियों का जोश और दर्शकों का उत्साह देखने लायक था।
27 सितंबर 2025 का दिन भारतीय खेलों के लिए स्वर्णिम उपलब्धियों वाला दिन रहा। चाहे बात पैरा तीरंदाजी की हो, पैरा एथलेटिक्स की, या फिर शूटिंग और कबड्डी की—हर जगह भारत के खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया। खासकर घरेलू मैदान पर भारत की जीतों ने साबित कर दिया कि आने वाला भविष्य भारतीय खेलों का हो सकता है।










